भास्कर संवाददाता|टोंक जिले का सोमवार को अधिकतम तापमान 41 डिग्री तक पहुंच गया। इसके चलते बीते 7 दिनों में ही रोजाना की बिजली की डिमांड 39.56 लाख यूनिट तक पहुंच गई। गर्मी में हुई बढ़ोतरी व मांग बढ़ने के साथ जिले के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की ट्रिपिंग की समस्या भी बढ़ गई। शहर के मुख्य बाजार में कई बार बिजली की कटौती व ट्रिपिंग चलती रही। ऐसा 2 दिनों से चल रहा है। इसके अलावा भी कभी मौसम खराब व मरम्मत के नाम पर बिजली काटी जा रही है। दूसरी ओर गर्मी में बढ़ोतरी होने के साथ ही एक सप्ताह में ही जिले में बिजली की खपत भी 7 लाख यूनिट से ज्यादा बढ़ गई है। जबकि अप्रैल माह के बीच में बिजली की मांग कम थी। ये बढ़कर करीब 40 लाख यूनिट रोजाना की हो गई है। जयपुर डिस्कॉम अभियंताओं का भी मानना है कि ये स्थिति तो कटौती के बाद की है। किसान महापंचायत से जुड़े रामेश्वर चौधरी का कहना है कि कटौती का यहीं हाल रहा तो ग्रामीणों के साथ आंदोलन पर विवश होंगे। बिजली कटौती होने से ई-मित्रों पर लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ भी नहीं मिल पा रहा। उपभोक्ताओं का कहना है कि बिजली महकमा कभी लाइनें तो कभी ट्रांसफॉर्मर के रखरखाव के नाम पर सालभर बिजली कटौती करता रहता है। जनता यह आस लगाए रहती है कि ट्रिपिंग से उन्हें अब राहत मिलेगी वहीं गुणवत्तापूर्ण व पूरी बिजली मिलेगी। 7 दिन पहले तक डिमांड 32.58 लाख यूनिट ही थी, बढ़कर 39 लाख से अधिक हुई बिजली निगम कार्यालय के अनुसार बीते 13 अप्रैल को जिले की बिजली खपत 32.58 लाख यूनिट ही थी, इसके अगले ही दिन 2 लाख यूनिट बढ़कर 34.21 लाख यूनिट हो गई। 15 अप्रैल को 37.80, 16 अप्रैल को 93.50, 17 अप्रैल को 39.51, 18 अप्रैल को 39.78 व 19 अप्रैल को 39.56 लाख यूनिट बिजली की खपत हो गई। हालांकि बिजली खपत का आंकड़ा पिछले साल भी लगभग ये ही था। लेकिन पिछले साल अप्रैल की शुरुआती दिनों में ही बिजली की खपत बढ़ गई थी। इस साल सप्ताह भर में ही ये खपत बढ़ी है। ^बीते कुछ दिनों से गर्मी बढ़ने के साथ ही जिले की बिजली डिमांड तो बढ़ी है। रोजाना करीब 40 लाख यूनिट तक की डिमांड है। ऐसे में ट्रिपिंग की समस्या हो सकती है। लेकिन कटौती नहीं हो रही। -केएल पटेल, एसई, जयपुर डिस्कॉम टोंक।