भास्कर न्यूज। धौलपुर शहर में गैस पाइपलाइन बिछाने का काम लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गया है। टोरेंट कंपनी की लापरवाही से दो अलग-अलग स्थानों पर पानी की पाइपलाइन टूटने से एक दर्जन से अधिक कॉलोनियों के करीब 5 हजार लोग पिछले तीन दिन से पानी के लिए तरस रहे हैं। भीषण गर्मी में हालात ऐसे हैं कि लोगों को पीने के पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। शहर में जिरौली क्षेत्र में अमृत योजना के तहत बनी पानी की टंकी से सप्लाई बाधित होने के कारण औडेला रोड,रीको आवासीय कॉलोनी सहित आसपास के एक दर्जन से अधिक कॉलोनियों में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालात यह हैं कि करीब दो हजार घरों में पिछले तीन दिन से पानी नहीं मिल पाया है। तेज गर्मी में लोग पेयजल के लिए इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं। कई जगहों पर लोग डिब्बे और बाल्टियां लेकर घंटों पानी का इंतजार करते नजर आए,लेकिन पर्याप्त सप्लाई नहीं हो सकी। स्थानीय लोगों का कहना है कि सामान्य दिनों में भी पानी की सप्लाई केवल सुबह करीब आधे घंटे के लिए ही होती है,जिससे जरूरत पूरी नहीं हो पाती। जानकारी के अनुसार मिडवे और अंबेडकर पार्क के पास टोरेंट गैस द्वारा खुदाई कार्य के दौरान जलदाय विभाग की करीब 80 फीट लंबी राइजिंग लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। इसके चलते जिरौली टंकी से होने वाली जलापूर्ति पूरी तरह बंद हो गई है। जलदाय विभाग के अनुसार क्षतिग्रस्त लाइन को दुरुस्त करने का कार्य जारी है और जल्द ही सप्लाई बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि गर्मी के इस दौर में पानी के बिना जूझ रहे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। नागरिकों ने जल्द समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। जनता परेशान, विभाग पर बढ़ा बोझ: पाइपलाइन टूटने से जहां आमजन को पानी के लिए भटकना पड़ता है,वहीं जलदाय विभाग को बार-बार मरम्मत कार्य पर अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ता है। इससे विभाग के संसाधनों पर दबाव बढ़ता है और अन्य क्षेत्रों की योजनाएं भी प्रभावित होती हैं। गर्मी के मौसम में यह समस्या और गंभीर रूप ले लेती है। ^ टोरंट कंपनी की ओर से अंबेडकर पार्क एवं माधवानंद कॉलोनी में करीब 80 फीट पाइप लाइन को क्षतिग्रस्त किया है, जिससे करीब दो हजार उपभोक्ताओं को पानी की सप्लाई बाधित हुई है। टीम लगातार कार्य कर रही है शाम तक लाइन को ठीक कर पेयजल शहर में पानी सप्लाई सुचारू की जा सकेगी। -प्रताप सिंह कुशवाह, एईएन पीएचईडी धौलपुर सिटी बिना प्लानिंग और समन्वय के काम... जलदाय विभाग के इंजीनियर भरत मीणा के अनुसार अलग-अलग विभागों और कंपनियों के बीच समन्वय की कमी सबसे बड़ी वजह है। खुदाई से पहले पाइपलाइन की सही लोकेशन की जानकारी नहीं ली जाती, जिससे बार-बार जलदाय विभाग का नुकसान होता है।