जयपुर ग्रामीण लोकसभा सीट के साल 2024 के चुनाव परिणाम को चुनौती देने वाली याचिका में चुनाव आयोग, मुख्य चुनाव आयुक्त, जिला निर्वाचन अधिकारी और रिटर्निंग ऑफिसर पार्टी (पक्षकार) बने रहेंगे। जस्टिस विनोद कुमार भारवानी ने इसे चुनौती देने वाले चुनाव आयोग के प्रार्थना पत्र को मंगलवार को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा- इस मामले में याचिकाकर्ता (कांग्रेस प्रत्याशी अनिल चोपड़ा) और विजयी प्रत्याशी (बीजेपी प्रत्याशी राव राजेंद्र सिंह) के बीच जीत का अंतर 1615 वोट रहा। रिजल्ट के दिन 4 जून 2024 को याचिकाकर्ता की आपत्ति को निस्तारित करते हुए रिटर्निंग ऑफिसर ने बताया था कि निरस्त किए गए डाक मत पत्रों की संख्या 1225 है। कोर्ट ने कहा- वहीं सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत बताया गया कि निरस्त किए गए डाक मतपत्रों की संख्या 2738 थी। दोनों सूचनाएं एक ही दिन की हैं और चुनाव आयोग द्वारा ही दी गई हैं। वहीं, दोनों प्रत्याशियों के बीच विवाद का मुख्य कारण भी यही हैं। ऐसे में चुनाव आयोग इस मामले में आवश्यक पक्षकार है, इसलिए इनका प्रार्थना पत्र खारिज किया जाता है। बता दें कि साल 2024 के लोकसभा चुनाव में जयपुर की ग्रामीण लोकसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी राव राजेंद्र सिंह और कांग्रेस प्रत्याशी अनिल चोपड़ा आमने-सामने थे। चुनाव परिणाम में भाजपा के राव राजेंद्र सिंह जीत गए थे। इसके बाद रिजल्ट के दिन ही अनिल चोपड़ा धांधली का आरोप लगाते हुए रिटर्निंग ऑफिसर के कमरे में धरने पर बैठ गए थे। जीत का अंतर रहा था कैंसिल वोटों से कम चुनाव आयोग की ओर से याचिका में कहा गया था कि पीपल्स रिप्रजेंटेशन एक्ट-1951 के तहत आयोग को पक्षकार नहीं बनाया जा सकता। विवाद दोनों प्रत्याशियों के बीच है। ऐसे में हमें पक्षकार से हटाया जाए। इसका विरोध करते हुए कांग्रेस प्रत्याशी अनिल चोपड़ा के अधिवक्ता संजय शर्मा ने कहा- इस मामले में जीत का अंतर कैंसिल वोटों से कम है। जिस तरह का विवाद प्रत्याशियों की बीच है, उसका स्पष्टीकरण इन्हें ही देना है। ऐसे में इनका पक्षकार बने रहना जरूरी है। वहीं परिणाम वाले दिन बताई गई निरस्त डाक मतपत्रों की संख्या और आरटीआई के तहत दी गई जानकारी में बताई निरस्त डाक मतपत्रों की संख्या में अंतर है। इसी मुख्य आधार के तहत यह चुनाव याचिका दायर की गई है। अनिल चोपड़ा ने लगाया था धांधली का आरोप, धरने पर बैठे थे लोकसभा चुनाव के परिणाम 4 जून 2024 को आए थे। उस दिन कांग्रेस प्रत्याशी अनिल चोपड़ा ने चुनाव परिणाम में धांधली करने का आरोप लगाया था। वे रिटर्निंग ऑफिसर के कमरे में धरने पर भी बैठ गए थे। उनकी रिकाउंटिंग की मांग को खारिज कर दिया गया था। केवल आंकड़ों को दोबारा से जोड़ा गया था। राव राजेंद्र की जीत घोषित होने के बाद चोपड़ा मतगणना केंद्र से बाहर आए थे। उन्होंने केंद्र के बाहर अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए संयम बरतने की बात कही थी। चोपड़ा ने कहा था- हमें जनता ने आशीर्वाद दिया, जिसके कारण हमें 6 लाख से ज्यादा वोट मिले। हमें यह परिणाम 1 प्रतिशत भी स्वीकार नहीं है। प्रशासन के लोगों ने जिस तरह से हमारे साथ कुठाराघात किया है। 4 घंटे तक इन लोगों ने आपस में कानाफूसी करके इस चुनाव परिणाम को प्रभावित करने का काम किया है।