आधार जैसे संवेदनशील पहचान सिस्टम में जुगाड़ से सेंध लगाने वाले गिरोह का एटीएस जयपुर और भादरा पुलिस ने पर्दाफाश किया है। गिरोह का सरगना कुलदीप शर्मा रबर के डमी अंगूठों और कागज पर छपे रेटिना प्रिंट से बायोमैट्रिक सिस्टम को चकमा देकर फर्जी आधार कार्ड बना रहा था। इस फर्जीवाड़े में वह जसवंत और आमिर खान की ऑपरेटर आईडी का इस्तेमाल कर रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं, क्योंकि इन कार्डों के इस्तेमाल से साइबर ठगी से लेकर देश विरोधी गतिविधियों तक की आशंका है। एडीजी (एटीएस-एजीटीएफ) दिनेश एमएन ने बताया कि सूचना के आधार पर भादरा में नगरपालिका के पास चल रहे अवैध सेंटर पर दबिश दी गई। यहां आरोपी दूसरे ऑपरेटरों की आईडी से लॉगिन कर लाल-सफेद रबर के डमी फिंगरप्रिंट का इस्तेमाल करता था। आईरिस स्कैन को धोखा देने के लिए आंखों की रेटिना के प्रिंट कागज पर निकालकर डिवाइस के सामने रखे जाते थे। एनरोलमेंट रसीदों पर भी वह खुद ही फर्जी हस्ताक्षर करता था। नेटवर्क की जांच तेज अब यह जांच की जा रही है कि गिरोह ने अब तक कितने फर्जी आधार बनाए और इसके तार किन अंतरराज्यीय या अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े हैं। मामले की गहन जांच जारी है। यह ऑपरेशन एटीएस आईजी राजेश सिंह, डीआईजी योगेश यादव और एसपी ज्ञानचंद यादव की मॉनिटरिंग में चलाया गया। हाईटेक उपकरण जब्त, एजेंसियां अलर्ट छापे में लैपटॉप, प्रिंटर, आईरिस डिवाइस, पाम फिंगरप्रिंट स्कैनर, जीपीएस डिवाइस, कैमरा, फिंगरप्रिंट डाई और सैकड़ों एनरोलमेंट रसीदें बरामद की गईं। एटीएस के अनुसार फर्जी आधार का इस्तेमाल सिम कार्ड लेने, बैंक खाते खुलवाने और साइबर ठगी में हो सकता है। यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा होने के कारण जांच का दायरा बढ़ाया गया है।