जैसलमेर में कारगिल विजय दिवस की तिरंगा यात्रा की पूर्व सूचना देने के दौरान पुलिस अभद्रता के आरोपों को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) का विरोध प्रदर्शन तूल पकड़ता जा रहा है। शहर कोतवाली थाने के बाहर कार्यकर्ताओं का धरना-प्रदर्शन बुधवार को लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। मामले में त्वरित कार्रवाई की मांग को लेकर पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष महेंद्र सिंह करड़ा मंगलवार दोपहर से और ABVP के विभाग संयोजक कर्णपाल सिंह कोटड़ा बुधवार सुबह से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। कार्यकर्ताओं की मुख्य मांग है कि थानाधिकारी (SHO) सुरजाराम जाखड़ और हेड कॉन्स्टेबल दीपेंद्र सिंह शेखावत को तुरंत निलंबित किया जाए। इस मामले में एसपी अभिषेक शिवहरे ने कहा- यदि हमें कोई लिखित शिकायत मिलती है, तो वरिष्ठ अधिकारी से इसकी निष्पक्ष जांच करवाई जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की नियमसंगत कार्रवाई की जाएगी।" BJP विधायक का समर्थन मिला विद्यार्थी परिषद के इस आंदोलन को भारतीय जनता पार्टी का भी पूरा समर्थन मिल रहा है। जैसलमेर से बीजेपी विधायक छोटू सिंह भाटी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बयान जारी कर ABVP कार्यकर्ताओं की मांगों का खुलकर समर्थन किया है। इसके साथ ही बीजेपी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी भी धरना स्थल पर पहुंचे और पुलिस प्रशासन के खिलाफ विरोध जताते हुए मांगों का समर्थन किया। एसपी बोले- लिखित शिकायत पर होगी निष्पक्ष जांच मामले में पहली बार पुलिस अधीक्षक (SP) अभिषेक शिवहरे की प्रतिक्रिया सामने आई है। SP अभिषेक शिवहरे ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा- "ABVP कार्यकर्ता 26 जुलाई को केवल 11 मिनट तक कोतवाली थाने में रहे थे। नियमानुसार दोपहर 3:21 बजे ही रैली की अनुमति जारी कर दी गई थी और अनुमति मिलने के बाद तिरंगा यात्रा शांतिपूर्वक संपन्न भी हो चुकी है। अब तक पुलिस को इस संबंध में कोई लिखित शिकायत या ज्ञापन प्राप्त नहीं हुआ है। धरनास्थल पर कार्यकर्ताओं से लगातार संवाद कायम किया जा रहा है। यदि हमें कोई लिखित शिकायत मिलती है, तो वरिष्ठ अधिकारी से इसकी निष्पक्ष जांच करवाई जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की नियमसंगत कार्रवाई की जाएगी। ये है पूरा मामला दरअलस, सोमवार को ABVP के कुछ पदाधिकारी कारगिल विजय दिवस पर प्रस्तावित तिरंगा यात्रा के संबंध में पूर्व सूचना देने शहर कोतवाली थाने पहुंचे थे। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने उनके साथ गाली-गलौच की, कॉलर पकड़ी और धक्का-मुक्की करते हुए अभद्रता की। इसी से आक्रोशित होकर कार्यकर्ता सोमवार से ही थाने के बाहर धरने पर बैठ गए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे हैं। थानाधिकारी बोले-आरोप निराधार मामले पर कोतवाली थानाधिकारी सुरजाराम जाखड़ ने अपना पक्ष रखते हुए कार्यकर्ताओं के आरोपों को गलत बताया है। उन्होंने कहा ABVP के लोग थाने में रैली की परमिशन के लिए आए थे। नियमानुसार रैली की अनुमति देना SDM का क्षेत्राधिकार है, इसलिए हमने उन्हें नियमानुसार SDM से परमिशन लाने को कहा। वे सीधे थाने से ही परमिशन चाहते थे, जो नियम संगत नहीं था। हम केवल नियमानुसार मार्गदर्शन और मदद कर रहे थे। हमारे खिलाफ लगाए जा रहे अभद्रता के सभी आरोप पूरी तरह गलत और निराधार हैं। ये खबर भी पढ़ें….. कोतवाली-थाने के बाहर ABVP का धरना दूसरे दिन भी जारी:पुलिस के समर्थन में उतरी NSUI, बोलीं- एबीवीपी शहर का माहौल खराब करने का प्रयास कर रही है.…. जैसलमेर में तिरंगा यात्रा की अनुमति को लेकर पुलिस और छात्र संगठन के बीच शुरू हुआ विवाद बढ़ता जा रहा है। अखिल भारतीय विद्या​र्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ता थानाधिकारी (SHO) और हेड कांस्टेबल को निलंबित करने की मांग को दूसरे दिन भी कोतवाली थाने के बाहर धरना जारी रहा। एबीवीपी की ओर से सोमवार शाम से शुरू हुई इस प्रदर्शन के तहत कार्यकर्ताओं ने रात थाने के बाहर ही बैठे रहे और प्रदर्शन जारी रखा। पढ़ें पूरी खबर