राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा सीजे बन सकते हैं। रिटायरमेंट में 6 माह से भी कम समय है। जस्टिस शर्मा 6 माह से कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उच्च न्यायालयों में नियुक्ति संबंधी प्रक्रिया ज्ञापन के अनुसार भी ऐसी परिस्थितियां हों तो मुख्य न्यायाधीश बनाने पर विचार किया जा सकता है। हालांकि, इसका निर्णय सीजेआई करेंगे। गृह राज्य में नियुक्ति पहले नहीं होती थी, लेकिन अब हो रही है। शेष | पेज 6 महीने से कम समय बचा है रिटायरमेंट में जस्टिस शर्मा 27 सितंबर को 62 साल के हो जाएंगे। हाईकोर्ट में जजों की रिटायरमेंट आयु 62 साल है। वैसे से हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सामान्यतः अन्य राज्य के होते हैं। लेकिन ‘गृह राज्य में नियुक्ति नहीं’ करना एक स्थापित परंपरा है, न कि कोई नियम। हालांकि, हाई कोर्ट के न्यायाधीशों की नियुक्ति की प्रक्रिया संबंधी ज्ञापन के अनुसार अल्प कार्यकाल, सेवानिवृत्ति निकट होने या प्रशासनिक कारणों से अपवादस्वरूप न्यायाधीश को उसके मूल राज्य के उच्च न्यायालय में मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया जा सकता है। विशेष परिस्थितियों में नियुक्तियां हो सकती हैं “गृह राज्य में मुख्य न्यायाधीश बनाने की परंपरा नहीं रही है। अब विशेष परिस्थितियों में ऐसे संभव है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश या वरिष्ठ जज के रिटायरमेंट में छह महीने से हो और सीजे का पद रिक्त हो तो ऐसा हो सकता है। यहां 6 माह से पद खाली है। कार्यवाहक सीजे संजीव प्रकाश शर्मा जिम्मेदारी देख रहे हैं। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट उनकी नियुक्ति कर सकता है।” भास्कर एक्सपर्ट - जस्टिस प्रकाश टाटियापूर्व मुख्य न्यायाधीश, झारखंड हाईकोर्ट