गुजरात एटीएस से राजस्थान एटीएस को सूचना मिली थी कि पाकिस्तान से मेटाफेटामाइन ड्रग्स की खेप बॉर्डर पार से कुछ दिन पहले बॉर्डर इलाके में डंप हुई है। इसे गुजरात में डिलीवरी देने के लिए दो लोग रवाना हुए है। सूचना पर राजस्थान एटीएस महानिदेशक दिनेश एमएन के निर्देशन में एटीएस एसपी ज्ञानचंद यादव की टीम बाड़मेर पहुंची । एटीएस ने बाड़मेर एसपी चूनाराम जाट के साथ संयुक्त रूप से इनपुट के हिसाब से बाड़मेर-सांचौर हाइवे पर हाथीतला टोल पर नाकाबंदी की गई। इस दौरान एक इको गाड़ी से दो तस्करों के पास 4.980 किलो अवैध मेटाफेटामाइन बरामद हुई। कार भी जब्त की गई। मेटाफेटामाइन (क्रिस्टल मेथ) ड्रग्स की गुजरात में डिलीवरी देने जा रहे तस्कर सलमान पुत्र लाला खां और शंकरराम पुत्र रमेशराम मेघवाल, निवासी सज्जन का पार, रामसर को गिरफ्तार किया। पुलिस ने गडरारोड, रामसर, सेड़वा, बिजराड़, बाखासर सहित कई इलाकों के पुराने तस्करों के घरों में भी दबिश दी। अन्य संदिग्ध लोगों को भी हिरासत में लिया गया है। पुलिस करीब एक दर्जन संदिग्धों से पूछताछ कर रही है। बरामद ड्रग्स की कीमत करीब 25 करोड़ रुपए आंकी गई हैं। 1 अप्रैल को बॉर्डर पार से डंप हुई थी खेप भारत-पाक बॉर्डर से 1 अप्रैल को बन्ने की बस्ती व तालब का पार अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर से ड्रग्स पाकिस्तान तस्कर मसात ने डंप करवाई गई। इसके बाद स्थानीय तस्कर ने इसे रिसीव किया। एक सुरक्षित जगह पर जमीन में गाड़ दिया। इसका एक वीडियो बनाया गया। उसकी लोकेशन भी ली गई। डिलीवरी गुजरात में देने के लिए तस्कर सलमान के खाते में 7 हजार रुपए डाले गए। इस बीच सलमान पकड़ा गया। मुख्य तस्करों को सूचना मिलते ही वे फरार हो गए। अब पुलिसको तस्करों के मोबाइल से वीडियो फुटेज भी मिले हैं। पाक से बाड़मेर तक नेटवर्क यह पहली बार है कि बाड़मेर से लगते अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर से मेटाफेटामाइन (क्रिस्टल मेथ) ड्रग्स की खेप आई है। पाक तस्करों का बाड़मेर बॉर्डर इलाके के तस्करों से पुराना संपर्क रहा है। पूर्व में भी हेरोइन, आरडीएक्स, हथियार, नकली नोट सहित कई मादक पदार्थों की तस्करी इसी बॉर्डर से होती रही हैं। पाक के थारपारकर में बैठे तस्कर बाड़मेर बॉर्डर से नशे की खेप डंप करवाकर करीब 300 किमी. दूर गुजरात तक सप्लाई करवा रहे हैं। स्कॉर्पियो से एस्कॉर्ट के साथ थाने पहुंचा एटीएस और पुलिस की टीमों ने मंगलवार सुबह करीब 3 बजे खलीफे की बावड़ी में दबिश दी। जब पुलिस रासूका आरोपी रहे रोशन खां खलीफा के घर पहुंची तो महिलाएं विरोध में उतर आई। पूरा गांव पुलिस छावनी ब ना रहा। 6 घंटे बाद बाड़मेर एसपी चूनाराम जाट स्वयं तलाशी के लिए खलीफे की बावड़ी गांव पहुंचे। रासूका आरोपी पुलिस की बजाय खुद की स्कॉर्पियो से करीब 50 किमी. तक पुलिस एस्कॉर्ट में रामसर थाने पहुंचा। जहां पुलिस ने डिटेन कर पूछताछ की। पुलिस करीब एक दर्जन से ज्यादा संदिग्धों से पूछताछ कर रही है। इन संदिग्धों से पूछताछ के बाद कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।