करौली| कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को आयोजित साप्ताहिक समीक्षा एवं समन्वय समिति की बैठक में जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा ने तल्ख तेवर अपनाते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि भीषण गर्मी के मौसम में आमजन को पेयजल संकट का सामना न करना पड़े, यह हर हाल में सुनिश्चित किया जाए; यदि कहीं भी लापरवाही मिली तो संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पीएचईडी अधिकारियों को जलापूर्ति उपकरणों के नियमित रखरखाव और तकनीकी खराबी को तुरंत दुरुस्त करने के निर्देश दिए। साथ ही, जरूरत के अनुसार पेयजल टैंकरों की पर्याप्त व्यवस्था और उनकी प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने सांसद और विधायक मद से जुड़े कार्यों की यूसीसी (यूसीसी) भेजने में हो रही देरी पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने 'हरियालो राजस्थान' अभियान के लिए विशेष कार्ययोजना बनाने और सार्वजनिक निर्माण विभाग को सड़कों के निर्माण कार्य समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। बिजली विभाग को निर्देशित किया गया कि ढीले तारों को तुरंत ठीक किया जाए और निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखी जाए ताकि आमजन को राहत मिल सके। कलेक्टर ने जनसुनवाई और परिवादों के निस्तारण पर विशेष जोर देते हुए कहा कि संपर्क पोर्टल और मुख्यमंत्री कार्यालय से प्राप्त 90 दिन से अधिक लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों को तय समय सीमा में निपटाना प्रशासन की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर हेमराज परिड़वाल सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।