मध्य प्रदेश के बालाघाट में खराब स्वास्थ्य व्यवस्था के कारण 30 आदिवासी बच्चों की मौत के मामले में आदिवासी कांग्रेस डूंगरपुर ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। उन्होंने राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें एमपी के स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे और मुआवजे की मांग की गई है। आदिवासी कांग्रेस के जिला अध्यक्ष देवशंकर ननोमा ने आरोप लगाया कि बालाघाट में स्वास्थ्य व्यवस्था की कमी के कारण पिछले चार महीनों में 30 बच्चों की जान चली गई। इन बच्चों की मौत मलेरिया, खसरा और कुपोषण जैसी बीमारियों से हुई है। उन्होंने बताया कि पहला मामला 18 मई को सामने आया था। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग और सरकार ने समय पर जरूरी कदम नहीं उठाए, जिससे हालात पर काबू नहीं पाया जा सका। आदिवासी कांग्रेस ने जिला कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में कई मांगें रखी हैं। उन्होंने मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला से इस नाकामी की जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत इस्तीफा देने की मांग की। साथ ही, बालाघाट जिले में तुरंत 'हेल्थ इमरजेंसी' घोषित करने को कहा गया है। इसके अलावा, आदिवासी कांग्रेस ने हर मृतक बच्चे के पीड़ित आदिवासी परिवार को 1 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद देने की भी मांग की है।