राजस्थान में ग्रेड थर्ड पीटीआई बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। राज्य सरकार ने शारीरिक शिक्षा में दो वर्षीय डिप्लोमा (डीपीएड) की सीटों में बड़े स्तर पर बढ़ोतरी की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। सरकार ने प्रदेश में करीब 3200 नई सीटें बढ़ाने के प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। यदि प्रक्रिया तय समय पर पूरी होती है तो अगले शैक्षणिक सत्र 2027-28 से कई नए संस्थानों में डीपीएड पाठ्यक्रम शुरू हो सकेगा। वर्तमान में राजस्थान में डीपीएड पाठ्यक्रम केवल दो संस्थानों में संचालित हो रहा है। इनमें राजकीय शारीरिक शिक्षा कॉलेज, जोधपुर और प्रतापगढ़ का एक निजी संस्थान शामिल है। दोनों संस्थानों में 50-50 सीटें हैं। यानी पूरे प्रदेश में अभी केवल 100 सीटों पर ही प्रवेश की व्यवस्था है। पोर्टल खुला; 52 संस्थानों ने आवेदन भी किया राज्य सरकार का कहना है कि सालों बाद राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने नए संस्थानों के लिए आवेदन का पोर्टल खोला है। इसके बाद राजस्थान से 52 संस्थानों ने डीपीएड शुरू करने के लिए आवेदन किया है। इनमें कुछ संस्थानों ने 50 तो कुछ ने 100 सीटों की मांग की है। इसे देखते हुए शिक्षा विभाग ने करीब 3200 नई सीटें बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया, जिसे शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। आवेदन करने वाले सभी संस्थानों का अब राज्य सरकार की ओर से भौतिक सत्यापन (फिजिकल वैरिफिकेशन) कराया जाएगा। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक, बीकानेर को इसके लिए निर्देश जारी किए जा चुके हैं। तीन अधिकारियों की टीम प्रत्येक संस्थान का निरीक्षण करेगी। निरीक्षण में एनसीटीई के निर्धारित मानकों के अनुसार सुविधाएं मिलने पर ही राज्य सरकार एनओसी जारी करेगी। इसके बाद संबंधित संस्थान को डीपीएड पाठ्यक्रम शुरू करने की अनुमति मिल सकेगी। प्रदेश में खाली हैं 2500 पीटीआई पद शिक्षा विभाग के अनुसार वर्तमान में प्रदेश में थर्ड ग्रेड पीटीआई के करीब 2500 पद रिक्त हैं। सरकार का मानना है कि डीपीएड संस्थानों और सीटों की संख्या बढ़ने से आने वाले वर्षों में बड़ी संख्या में प्रशिक्षित युवा उपलब्ध होंगे, जिससे स्कूलों में रिक्त पदों को भरने में भी आसानी होगी। नए संस्थानों में अगले साल से शुरू होगा डिप्लोमा शिक्षा विभाग के अनुसार जोधपुर के सरकारी कॉलेज में इस वर्ष प्रथम वर्ष की प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने की अनुमति पहले ही दी जा चुकी है। वहीं नए संस्थानों में सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद अगले शैक्षणिक सत्र से डीपीएड पाठ्यक्रम शुरू किया जा सकेगा। डीपीएड पाठ्यक्रम संचालित करने के लिए किसी भी संस्थान का राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) से मान्यता प्राप्त होना अनिवार्य है। साथ ही राज्य सरकार की ओर से एनओसी जारी होने के बाद ही इस डिप्लोमा को सरकारी नौकरियों के लिए वैध माना जाएगा।