ताजमहल घूमने की चाहत में 11वीं कक्षा के एक नाबालिग छात्र ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर खुद के अपहरण और फिरौती की झूठी कहानी रच दी। आगरा घूमने के लिए पैसे कम पड़ने पर छात्र ने अपने पिता से 20 हजार रुपए मांगे और रकम नहीं देने पर उन्हें तस्करी के मामले में फंसाने की धमकी भी दी। सूचना मिलने पर सक्रिय हुई धौलपुर कोतवाली थाना पुलिस ने महज 24 घंटे में छात्र को दस्तयाब कर पूरे मामले का खुलासा कर दिया। पुलिस ने बालक को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया है। घर से बिना बताए ट्रेन से पहुंचा आगरा कोतवाली थाना प्रभारी रामकिशन यादव ने बताया कि एक व्यक्ति ने अपने नाबालिग बेटे के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पिता के अनुसार, उनका बेटा घर के पास वाली गली में गया था, लेकिन वापस नहीं लौटा। मोबाइल पर संपर्क करने पर किसी अन्य व्यक्ति ने फोन उठाया और बालक को वापस देने के बदले 20 हजार रुपए की मांग की। रकम नहीं देने पर तस्करी के मामले में फंसाने की धमकी भी दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने बालक की तलाश शुरू की। जांच में सामने आया कि 11वीं कक्षा में पढ़ने वाला छात्र अपने दोस्त के साथ परिजनों को बिना बताए ट्रेन से आगरा स्थित ताजमहल घूमने गया था। पैसे कम पड़े तो दोस्तों के साथ रची साजिश पुलिस पूछताछ में सामने आया कि ट्रेन में छात्र और उसके दोस्त की मुलाकात कुछ अन्य युवकों से भी हुई थी। छात्र की योजना आगरा में दो-तीन दिन रुककर घूमने की थी, लेकिन वहां ठहरने और घूमने के लिए पर्याप्त पैसे नहीं थे। ऐसे में उसने दोस्तों के साथ मिलकर खुद के अपहरण और फिरौती की झूठी कहानी तैयार कर ली। इसके बाद परिजनों को फोन कर 20 हजार रुपए मांगे गए और रकम नहीं देने पर तस्करी के मामले में फंसाने की धमकी दी गई। ‘अभियान खुशी द्वितीय’ के तहत कार्रवाई एसपी विकास सांगवान के निर्देशन में गुमशुदा नाबालिग बालक-बालिकाओं की तलाश के लिए विशेष अभियान ‘खुशी द्वितीय’ चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत कोतवाली थाना प्रभारी रामकिशन यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए बालक को दस्तयाब कर लिया। बाल कल्याण समिति के समक्ष किया पेश पुलिस ने बालक को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया। नियमानुसार आगे की प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे परिजनों के सुपुर्द किया जाएगा। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से अपहरण और फिरौती की झूठी कहानी का 24 घंटे के भीतर खुलासा हो गया।