अजमेर नगर निगम में समितियों के गठन और दशहरा महोत्सव में प्रतिनिधित्व को लेकर शुरू हुआ सियासी टकराव अब सड़क पर उतर आया है। कांग्रेस ने निगम के आधिकारिक दशहरा, गरबा और रावण दहन कार्यक्रमों का बहिष्कार कर गढ़वाल पैलेस में अलग से रावण दहन करने का ऐलान किया है। जिला कांग्रेस कार्यालय में बैठक के बाद शुक्रवार को कांग्रेस पार्षद दल ने निगम आयुक्त से मुलाकात कर विशेष साधारण सभा (स्पेशल जीसी) बुलाने की मांग उठाई। कांग्रेस का आरोप है कि दशहरा महोत्सव समिति में विपक्षी पार्षदों की अनदेखी की गई और उनके साथ दुर्व्यवहार हुआ। वहीं, 40 पार्षदों के हस्ताक्षर वाला पत्र देने के बावजूद मेयर की ओर से सात दिन में जवाब नहीं मिलने पर अब आयुक्त से हस्तक्षेप की मांग की गई है। ‘निगम एक्ट से चलेगा, मनमर्जी से नहीं’ कांग्रेस नेता नौरत गुर्जर ने कहा कि विशेष साधारण सभा बुलाने के लिए 40 पार्षदों के हस्ताक्षर के साथ मेयर को पत्र दिया गया था। सात दिन बीतने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद कांग्रेस पार्षदों ने आयुक्त से मिलकर विशेष सभा बुलाने की मांग की। गुर्जर ने कहा कि अजमेर शहर और नगर निगम संविधान व पालिका एक्ट के अनुसार चलेंगे, किसी की मनमर्जी से नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ मर्यादा पुरुषोत्तम राम की बात की जाती है, दूसरी तरफ पार्षदों के साथ भेदभाव और बदतमीजी की जा रही है। उन्होंने कहा कि आयुक्त ने लीगल सेल से राय लेकर जल्द निर्णय लेने का भरोसा दिया है। निगम के दशहरा-गरबा से कांग्रेसी पार्षदों की दूरी, गढ़वाल पैलेस में अलग रावण दहन कांग्रेस पार्षद द्रौपदी कोली ने कहा कि पार्षदों के अधिकारों और सम्मान की रक्षा होने तक निगम के कार्यक्रमों का बहिष्कार जारी रहेगा। जिला कांग्रेस अध्यक्ष के नेतृत्व में लिए गए फैसले के अनुसार कांग्रेस पार्षद निगम के दशहरा, गरबा और रावण दहन कार्यक्रमों में शामिल नहीं होंगे। पार्टी अपने बैनर तले गढ़वाल पैलेस में अलग रावण दहन आयोजित करेगी। कांग्रेस ने इसे निगम में कथित तानाशाही और पार्षदों की अनदेखी के खिलाफ विरोध बताया है। पहली साधारण सभा के बाद बढ़ा विवाद नगर निगम की पहली साधारण सभा में समितियों के गठन और दशहरा आयोजन में प्रतिनिधित्व को लेकर दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई थी। कांग्रेस पार्षदों का आरोप है कि दशहरा महोत्सव समिति में विपक्ष को नजरअंदाज किया गया और उनके साथ दुर्व्यवहार हुआ। इसी के विरोध में विशेष साधारण सभा बुलाने की मांग की गई।