अजमेर में 1 अगस्त 2026 से प्रस्तावित नई डीएलसी दरों को लेकर विरोध शुरू हो गया है। दरों में 25 से 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है, इसे लेकर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। बुधवार को अजमेर शहर कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष विजय जैन के नेतृत्व में सभी लोग कलेक्ट्रेट पहुंचे और नई डीएलसी दरों पर तत्काल रोक लगाने और निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की। कांग्रेस का आरोप है कि पिछले एक साल में यह पांचवीं बार है जब डीएलसी दरों में बढ़ोतरी की जा रही है। इससे पहले अप्रैल 2026 में भी करीब 50 प्रतिशत तक दरें बढ़ाई गई थीं। ऐसे में बार-बार की जा रही वृद्धि आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने वाली है। डीएलसी दरों में बढ़ोतरी से घर खरीदना होगा मुश्किल पूर्व शहर अध्यक्ष विजय जैन ने कहा कि महंगाई और बेरोजगारी से पहले ही आम आदमी परेशान है। ऐसे समय में डीएलसी दरों में भारी बढ़ोतरी से जमीन और मकान खरीदना आम नागरिक की पहुंच से और दूर हो जाएगा। इससे रियल एस्टेट कारोबार के साथ नए निवेश और संपत्ति के लेन-देन पर भी प्रतिकूल असर पड़ेगा। जनप्रतिनिधियों की गैरमौजूदगी पर भी सवाल कांग्रेस नेताओं ने ज्ञापन में इस बात पर भी आपत्ति जताई कि इतनी महत्वपूर्ण जिला स्तरीय बैठक में शहर का प्रतिनिधित्व करने वाले जनप्रतिनिधि मौजूद नहीं थे। उनका कहना था कि इससे आम जनता के हितों के प्रति गंभीरता का अभाव दिखाई देता है। उन्होंने यह भी कहा कि शहर के कई क्षेत्रों में पहले से ही डीएलसी दरें बाजार मूल्य से अधिक निर्धारित हैं, ऐसे में नई बढ़ोतरी पूरी तरह अव्यावहारिक है। सर्वसम्मति से फैसला लेने की मांग कांग्रेस ने मांग की कि 1 अगस्त 2026 से लागू होने वाली प्रस्तावित डीएलसी दरों की बढ़ोतरी पर तत्काल रोक लगाई जाए। साथ ही जिला स्तरीय बैठक दोबारा बुलाई जाए, जिसमें जनप्रतिनिधियों, सभी राजनीतिक दलों, व्यापारिक संगठनों और सामाजिक संस्थाओं को शामिल कर सर्वसम्मति से निर्णय लिया जाए।