अलवर के सुभाष चौक स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में गुरु पूर्णिमा पर माता जानकी की मुंह दिखाई का आयोजन किया गया। मंदिर में बुधवार सुबह से बड़ी संख्या में महिलाएं और श्रद्धालु पहुंचे। भगवान जगन्नाथ और माता जानकी के दर्शन किए। महिलाओं ने माता को मुंह दिखाई में पोशाक, शृंगार सामग्री और अन्य भेंट अर्पित किए। मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन के बीच महिलाएं भक्ति में झूमती नजर आईं। हवन हुआ, भगवान जगन्नाथ की पूजा-अर्चना की सुबह 11 पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन से की। इसके बाद ब्रह्मभोज का आयोजन किया गया। इसमें शहर के विभिन्न मंदिरों से आमंत्रित 151 पंडित शामिल हुए। गुरु पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ को गुरु स्वरूप मानकर पूजा-अर्चना की और भेंट अर्पित किए। मंदिर के पुजारी पंडित पुष्पेंद्र शर्मा ने बताया- माता जानकी की मुंह दिखाई सुबह से लगातार चल रही है। महिलाएं माता के लिए पोशाक और शृंगार सामग्री लेकर आ रही हैं। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई गई पोशाक और शृंगार सामग्री जरूरतमंद महिलाओं, विशेषकर संतान प्राप्ति की कामना करने वाली महिलाओं को प्रसाद स्वरूप दी जाती हैं। ऐसी मान्यता है कि इससे उनकी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। केंद्रीय मंत्री ने भेजा संदेश इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने मंदिर के पुजारी के नाम शॉल और प्रशस्ति पत्र भेजा। अपने संदेश में उन्होंने कहा- गुरु पूर्णिमा भारतीय संस्कृति में श्रद्धा, ज्ञान और कृतज्ञता का अनुपम पर्व है। गुरु केवल ज्ञान के दाता ही नहीं, बल्कि व्यक्तित्व के निर्माता और समाज के पथप्रदर्शक होते हैं। उन्होंने सभी संतजनों के स्वास्थ्य, दीर्घायु और मार्गदर्शन की कामना करते हुए समाज और राष्ट्र सेवा के लिए उनके आशीर्वाद को प्रेरणास्रोत बताया।