अजमेर रेलवे स्टेशन से सालों पहले लापता हुए दो बच्चों की तलाश के लिए जीआरपी ने पहली बार एआई की मदद ली है। बचपन की फोटोज के आधार पर दोनों बच्चों की मौजूदा उम्र के हिसाब से संभावित फोटो बनवाई हैं।। जीआरपी ने पुरानी और एआई से बनाई गई तस्वीरें सार्वजनिक कर आम लोगों से मदद मांगी है। दोनों बच्चे लापता हुए, तब इमरान 8 और उस्मान 5 साल का था। अब इमरान की उम्र करीब 23 और उस्मान की 17 साल हो चुकी है। कई साल तलाश के बाद दोनों मामलों की फाइल बंद कर दी गई थी, लेकिन उन्हें अब दोबारा खोला गया है। स्टेशन पर परिवार से बिछड़े 13 मई 2010 को हैदराबाद की साहिबाबाद कॉलोनी निवासी मोहम्मद यूसुफ का 8 साल का पोता मोहम्मद इमरान परिवार से बिछड़ गया था। यूसुफ ने जीआरपी अजमेर को पत्र लिखकर बताया था कि इमरान परिवार के साथ अजमेर आया था। हैदराबाद लौटने के लिए स्टेशन पहुंचने के दौरान वह लापता हो गया। इसी तरह, जयपुर निवासी किशोर सिंह ने 12 जुलाई 2014 को जीआरपी थाना अजमेर में परिवाद दिया था। उन्होंने बताया था कि उनकी विवाहित बहन नजमा 29 अप्रैल 2014 को अजमेर आई थीं। उनके साथ 5 साल का बेटा उस्मान भी था। दोपहर करीब 3:45 बजे उस्मान अजमेर स्टेशन से लापता हो गया। 9 महीने में 17 बच्चों को सुरक्षित दस्तयाब किया जीआरपी अजमेर की टीम 1 जनवरी 2026 से अब तक करीब 9 महीने में 17 बच्चों को डिटेन कर चुकी है। इनमें थाने में सीधे दर्ज गुमशुदगी के 6 मामले शामिल हैं। फरवरी, अप्रैल और जुलाई में एक-एक और मई में 2 और जून में एक बच्चे के लापता होने की शिकायत मिली थी। जीआरपी ने इन सभी बच्चों को तलाशकर परिजनों को सुपुर्द कर दिया। अन्य जीआरपी थानों या पुलिस से मिली सूचना के आधार पर अजमेर स्टेशन पर 11 बच्चे डिटेन किए गए। इन बच्चों को पुलिस, चाइल्ड लाइन या सीधे परिजनों को सुपुर्द किया गया। पहचान की संभावना बढ़ाने को एआई से बनवाई तस्वीरें जीआरपी एसएचओ इंदुबाला शर्मा के मुताबिक इमरान व उस्मान की फाइलें उनके कार्यभार संभालने से पहले ही दोबारा खोली जा चुकी थीं। इतने साल में दोनों का हुलिया व कद-काठी बदल गए होंगे। उनकी पहचान की संभावना बढ़ाने के लिए एआई से मौजूदा उम्र के अनुरूप संभावित तस्वीरें तैयार की गई हैं।