बीकानेर शहर में कचरा उठाने वाले टीपर अब सड़कों पर लोगों की जान के लिए खतरा बनते जा रहे हैं। 31 अक्टूबर को गोकुल सर्किल के पास एक टीपर ने जवाहर नगर निवासी केशवदत्त आचार्य को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी गंभीर थी कि वाहन उन्हें करीब 100 मीटर तक घसीटता हुआ ले गया। सिर में गंभीर चोट आने के बाद से केशवदत्त पीबीएम अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती हैं। 6 नवंबर तक एक हफ्ता बीत चुका है, लेकिन उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ है। दूसरी ओर, हादसे के बाद पुलिस और नगर निगम की कार्रवाई भी सवालों के घेरे में है। घायल के परिजनों ने नगर निगम और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए ठीक से कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है। हादसे के बाद 1 हफ्ते से वेंटिलेटर पर घायल हादसे में केशवदत्त के सिर पर गंभीर चोट आई थी। ट्रॉमा सेंटर में डॉ. दिनेश सोढ़ी ने उनका ऑपरेशन किया, लेकिन अब तक उन्हें होश नहीं आया है। परिजनों के अनुसार, उनकी हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। स्थिति बार-बार बिगड़ रही है और वे लगातार वेंटिलेटर पर हैं। परिवार एक सप्ताह से उनके ठीक होने की उम्मीद में है। FIR दर्ज, लेकिन न वाहन जब्त हुआ और न चालक का मेडिकल हादसे के बाद नयाशहर थाने में FIR दर्ज कराई गई, लेकिन परिजनों का आरोप है कि इसके बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। न तो टीपर जब्त किया गया और न ही चालक को हिरासत में लेकर उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया। परिजनों का कहना है कि यदि हादसे के तुरंत बाद चालक का मेडिकल होता तो यह पता चल सकता था कि उसने शराब पी रखी थी या नहीं। इस मामले में एक और गंभीर सवाल यह है कि अभय कमांड सेंटर में हादसे का वीडियो उपलब्ध होने की बात कही जा रही है, लेकिन परिजनों के अनुसार अब तक उस फुटेज को जांच में शामिल कर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। घायल के भतीजे शरद आचार्य का कहना है कि समय रहते CCTV फुटेज जांच में शामिल नहीं किया गया तो जरूरी साक्ष्य खत्म होने का खतरा है। मेयर मौके पर पहुंचे, लेकिन फर्म को नोटिस तक नहीं हादसे के बाद नगर निगम की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। मेयर अनिल कल्ला खुद मौके पर पहुंचे थे, लेकिन परिजनों के अनुसार संबंधित फर्म को अब तक नोटिस तक जारी नहीं किया गया है। आरोप है कि निगम की ओर से कोई ऐसी कार्रवाई नहीं की गई, जिससे टीपर चालकों की लापरवाही पर रोक लग सके। निगम आयुक्त को इस मामले में संबंधित फर्म पर कार्रवाई करनी थी, लेकिन अब तक नोटिस तक जारी नहीं हुआ है। अलग-अलग जगह करीब सात हादसे, फिर भी नहीं बदले हालात शहर में टीपर से जुड़े हादसों की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। अब तक करीब सात अलग-अलग जगहों पर इन वाहनों से सड़क हादसे होने की बात कही जा रही है। आरोप हैं कि कई टीपर चालक बिना लाइसेंस वाहन चला रहे हैं। कुछ मामलों में नाबालिगों के वाहन चलाने और शराब के नशे में टीपर दौड़ाने के आरोप भी लगाए गए हैं। इन आरोपों की जांच होना बाकी है। ये खबर भी पढ़ें… रिटायर्ड बैंक अधिकारी को गाड़ी ने टक्कर मारी:फिर घसीटते हुए ले गई, हालत गंभीर; आरोपी ड्राइवर की तलाश