अजमेर में सोमवार शाम 5 बजे बाद दिनभर की गर्मी और उमस के बाद हुई तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से मौसम का मिजाज बदल गया। मानसून के सक्रिय होने के साथ जिले में सामान्य से 49 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई, जिससे तापमान में भी गिरावट आई। महज आधे घंटे की तेज बारिश से शहर की कई सड़कों पर पानी भर गया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। जलभराव के बीच एक कार गड्ढे में फंस गई, पुलिस लाइन स्थित शिक्षा स्कूल के पीछे एक मकान की छत पर लगा सोलर पैनल तेज हवा के कारण उखड़कर सड़क पर आ गिरा। गनीमत रही कि उस समय कोई उसकी चपेट में नहीं आया, लेकिन घटना से इलाके में हड़कंप मच गया। मकान मालिक को आर्थिक नुकसान हुआ है। सोमवार को रात 8:30 बजे तक 26.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। पहले देखिए बारिश के बाद की ये PHOTO'S शाम को बारिश के बाद तापमान में गिरावट मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को अधिकतम तापमान 35.0 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 25.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा में नमी सुबह 88 प्रतिशत और शाम को 68 प्रतिशत रही। दिनभर बारिश नहीं हुई, लेकिन शाम के बाद हुई बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। सड़कों पर भर पानी, कार गड्ढे में गिरी शाम को कुछ देर की बारिश ने प्रशासन की पोल खोल दी। शहर की कई सड़कों पर पानी भर गया, जिससे वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई। खासकर शास्त्री नगर में एक सीवरेज चैंबर का ढक्कन खुल गया, जिसके कारण वहां से गुजर रही एक कार गहरे गड्ढे में गिर गई। हादसे के बाद स्थानीय लोग मौके पर जुट गए और कड़ी मशक्कत के बाद कार को बाहर निकाला गया, जिससे इस इलाके में सुरक्षा और अव्यवस्था की गंभीर स्थिति उजागर हुई। 12 जुलाई तक मानसून एक्टिव रहने की संभावना मौसम विभाग के अनुसार, अजमेर संभाग में 12 जुलाई तक मानसून सक्रिय रहने की संभावना है। इस दौरान कई स्थानों पर मध्यम से तेज बारिश हो सकती है। मंगलवार को भी जिले में बादल छाए रहने, तेज हवाओं के साथ बारिश होने और मौसम सुहावना बने रहने का अनुमान है। इधर, मानसून सीजन में अजमेर जिले में अब तक अच्छी बारिश दर्ज की गई है। 6 जुलाई तक सामान्य बारिश 91.6 मिमी के मुकाबले 136.6 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की जा चुकी है, जो सामान्य से 49 प्रतिशत अधिक है। पूरे मानसून सीजन (जून से सितंबर) में जिले में 510.5 मिमी वर्षा सामान्य मानी जाती है। मौसम विभाग के अनुसार, इस बार जिले में सामान्य से बेहतर मानसून रहने के संकेत हैं, जिससे किसानों और जल स्रोतों के लिए भी स्थिति अनुकूल बनी हुई है।