अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद पूर्व दस्यु जगन गुर्जर की बैरक में हुई हत्या के 24 घंटे बाद भी प्रशासन और परिजनों व समाज के लोगों के बीच कोई समझौता नहीं हो पाया है। परिजन और समाज के लोग तीन मांगों को लेकर लिखित समझौते पर अड़े हुए हैं और अजमेर में प्रदर्शन कर रहे हैं। बाड़ी स्थित अजीजपुरा गुर्जर कॉलोनी में रहने वाली जगन की तीसरी पत्नी कोमेश ने भी प्रशासन और सरकार को जल्द लिखित समझौता करने की मांग करते हुए अजमेर पहुंचने की चेतावनी दी है। प्रशासन केवल आश्वासन दे रहा समाज की महिलाओं के बीच बैठी कोमेश ने बताया कि प्रशासन केवल आश्वासन दे रहा है। 24 घंटे बीत जाने के बाद भी लिखित समझौते को लेकर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा, 'एक लिखा और सौ बक्का होता है।' यदि अब लिखित में कुछ नहीं हुआ तो बाद में भी कुछ नहीं होगा। उनकी मांग है कि सरकार उनके परिवार और समाज द्वारा रखी गई तीनों मांगों को जल्द पूरा करे। कोमेश ने चेतावनी दी कि अब उनके सब्र का बांध टूट रहा है। यदि समझौता नहीं हुआ और सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की, तो वह भी अजमेर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगी। जगन के कुल चार पुत्र और चार बेटियां हैं पूर्व दस्यु जगन गुर्जर की तीन पत्नियां हैं: ममता देवी, निशा और कोमेश। ममता देवी और निशा कंचनपुर के धौंसपुरा गांव में परिवार के साथ रहती हैं, जबकि कोमेश बाड़ी के अजीजपुरा गुर्जर कॉलोनी में बच्चों के साथ रह रही हैं। जगन के कुल चार पुत्र और चार बेटियां हैं। उनका सबसे बड़ा पुत्र आसाराम अजमेर में मोर्चरी के बाहर चल रहे धरना प्रदर्शन में शामिल है।