अजमेर शहर के कृष्णगंज थाना क्षेत्र स्थित बलदेव नगर में शनिवार को एक निर्माणाधीन मकान के पानी के टैंक में 28 साल के मजदूर का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। वह रोजाना की तरह काम पर निकला था, लेकिन देर शाम तक घर नहीं लौटने पर परिजन उसकी तलाश में निर्माणाधीन मकान पहुंचे। कमरे में मोबाइल मिलने के बाद जब टैंक का ढक्कन खोलकर देखा गया तो अंदर उसका शव पड़ा मिला। घटना की सूचना पर कृष्णगंज थाना पुलिस और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को बाहर निकलवाकर जेएलएन अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के बाद जांच शुरू कर दी है। परिजनों ने हत्या कर शव टैंक में फेंकने की आशंका जताई और निष्पक्ष जांच की मांग की है। पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान गोविंद (28) पुत्र श्रवण सिंह रावत, निवासी किशनपुरा (जवाजा) के रूप में हुई है। गोविंद पिछले कुछ समय से बलदेव नगर स्थित निर्माणाधीन मकान में मजदूरी कर रहा था। फोन बजता रहा, लेकिन किसी ने नहीं उठाया मृतक के रिश्तेदार रेवत सिंह ने बताया कि गोविंद शनिवार सुबह हमेशा की तरह काम पर गया था। शाम तक घर नहीं पहुंचने पर उसकी पत्नी ने कई बार फोन किया। घंटी बजने के बावजूद उसने कॉल रिसीव नहीं की। इससे परिवार को चिंता हुई और परिजन उसकी तलाश में निकल पड़े। परिजन सबसे पहले उसी निर्माणाधीन मकान पहुंचे, जहां गोविंद काम कर रहा था। कमरे की तलाशी लेने पर उसका मोबाइल अंदर मिला। इसके बाद रिश्ते में लगने वाले एक भाई ने शक होने पर पानी के टैंक का ढक्कन खोला तो अंदर गोविंद का शव पड़ा मिला। यह देखकर मौके पर अफरा-तफरी मच गई और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। परिजनों को हत्या की आशंका परिजनों का आरोप है कि गोविंद की हत्या कर उसके शव को टैंक में डाला गया है। उनका कहना है कि शव मिलने के समय उसकी नाक से खून निकल रहा था, जिससे उन्हें घटना संदिग्ध लग रही है। परिवार ने पुलिस से मामले की गहन जांच कर दोषियों को गिरफ्तार करने की मांग की है। पुलिस बोली- हर पहलू से जांच जारी कृष्णगंज थाना प्रभारी अरविंद चारण ने बताया कि बलदेव नगर स्थित निर्माणाधीन मकान के टैंक में मजदूर का शव मिलने की सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। शव को टैंक से बाहर निकलवाकर पोस्टमॉर्टम के लिए मोर्चरी में रखवाया गया है। प्रारंभिक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और एफएसएल जांच के बाद ही मौत के कारणों का पता चल सकेगा।