अजमेर के आदर्श नगर थाना क्षेत्र में सूने मकान को निशाना बनाकर चोरी की वारदात सामने आई है। पालरा क्षेत्र निवासी एक महिला के घर के ताले तोड़कर अज्ञात चोर नकदी और सोने-चांदी के जेवर चोरी कर ले गए। घटना के समय महिला अपने देवर की शादी में शामिल होने मायापुर गई हुई थी, जबकि उसकी बेटी स्कूल गई थी। पीछे से मकान सूना पड़ा था। पुलिस के अनुसार पालरा झुतरी का बाडिया निवासी लक्ष्मी रावत पत्नी स्वर्गीय गोपाल सिंह रावत ने आदर्श नगर थाने में रिपोर्ट दी। रिपोर्ट में बताया कि 11 मई को वह देवर की शादी के चलते मायापुर गई थी। दोपहर करीब 12 से 1 बजे के बीच अज्ञात बदमाशों ने मकान के ताले तोड़कर अंदर प्रवेश किया और अलमारी में रखे करीब 60 हजार रुपए नकद, एक सोने का माडलिया, सोने की नथ, चांदी की पायजेब और चांदी के कडोले चोरी कर ले गए। शाम को घर लौटने पर चोरी का पता चला। इसके बाद महिला ने आदर्श नगर थाने पहुंचकर मामला दर्ज कराया। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच एएसआई शिवराज को सौंपी है। आसपास के लोगों से पूछताछ के साथ संदिग्धों की तलाश की जा रही है। ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे पर रेड, 3 बुकी गिरफ्तार अजमेर की कृष्णगंज थाना पुलिस और डीएसटी ने बालाजी नगर में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जयपुर के 3 बुकी गिरफ्तार किए हैं। आरोपी आईपीएल मैच गुजरात टाइटंस और सनराइजर्स हैदराबाद पर ऑनलाइन खाईवाली-लगाईवाली कर रहे थे। पुलिस ने मौके से 2 लैपटॉप, 22 एंड्रॉयड मोबाइल, वाई-फाई सेटअप बॉक्स, वॉइस रिकॉर्डर और हिसाब-किताब की डायरी सहित अन्य सामान जब्त किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मुकेश कुमार मुलचंदानी उर्फ जुम्मा, खालिद सिसोदिया और जावेद खान निवासी जयपुर के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी अजमेर, ब्यावर और जयपुर सहित कई शहरों के सटोरियों से लाइन लेकर करोड़ों रुपए के लेन-देन का हिसाब संचालित कर रहे थे। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस ने तीन दिन के रिमांड पर लिया है। रेलवे कर्मचारी से 17 लाख की ठगी अजमेर के रेलवे लोको वर्कशॉप में कार्यरत एक महिला कर्मचारी के साथ लोन दिलाने के नाम पर लाखों रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक को शिकायत देकर सहकर्मी पर फर्जीवाड़े का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। पीड़िता बसंती देवी ने बताया कि पति की मौत के बाद उन्हें रेलवे में अनुकम्पा नियुक्ति मिली थी। इसी दौरान उनकी पहचान जयपुर निवासी एक सहकर्मी से हुई। आरोपी ने खुद को बैंकिंग और लोन प्रक्रिया का जानकार बताते हुए आसानी से लोन दिलाने का भरोसा दिलाया। महिला ने बताया कि मकान गिरवी होने के कारण उसे छुड़ाने के लिए पैसों की जरूरत थी। आरोपी ने पहले बड़लिया स्थित बैंक से करीब ढाई लाख रुपए और बाद में नसीराबाद स्थित बैंक से करीब 10 लाख रुपए का लोन करवाया। इस दौरान आरोपी ने खाली चेकों पर हस्ताक्षर भी करवा लिए। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने अलग-अलग बैंकों से उसके नाम करीब 25 लाख रुपए का लोन उठवा लिया, लेकिन उसे सिर्फ 8 लाख रुपए ही दिए। बाकी रकम खुद निकाल ली। महिला ने बताया कि जब उसने बैंकों से दस्तावेज निकलवाए तो खातों से रकम निकासी में आरोपी के नाम से लेनदेन सामने आया। मामले का खुलासा होने पर पीड़िता पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची और निष्पक्ष जांच कर सख्त कार्रवाई की मांग की।