राजस्थान में प्रतियोगी परीक्षाओं में फर्जीवाड़े करने वालों के खिलाफ एसओजी की जांच में एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया। एक सरकारी टीचर ने स्कूल लेक्चरर भर्ती परीक्षा के पहले पेपर में अपने स्थान पर डमी अभ्यर्थी बिठाया और दूसरा पेपर खुद दिया। दिलचस्प बात यह है कि यह शातिर टीचर खुद भी एक अन्य परीक्षा में किसी और का डमी अभ्यर्थी बनकर बैठा था। एसओजी की जांच में इस नए फर्जीवाड़े का पूरा भंडाफोड़ हो गया। इस संबंध में एसओजी यूनिट अजमेर की रिपोर्ट पर जोधपुर के शास्त्री नगर थाने में 1 अप्रैल को जालोर के रानीवाड़ा थाना क्षेत्र स्थित ग्राम कूड़ा निवासी दिनेश कुमार विश्नोई के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। इसमें दूसरे की जगह पर परीक्षा देने, धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज रचने और आपराधिक षड्यंत्र सहित अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसकी जांच एडीसीपी (वेस्ट) नीरज शर्मा को सौंपी गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि मनोहर लाल नामक दलाल ने दिनेश कुमार के अलावा और कितने अभ्यर्थियों के लिए फर्जी परीक्षार्थियों की व्यवस्था की थी और प्रथम प्रश्न पत्र देने वाला असली डमी अभ्यर्थी कौन था। केंद्रीय विद्यालय का टीचर है मुख्य मास्टरमाइंड एसओजी अजमेर यूनिट के एएसपी श्यामसुंदर विश्नोई की रिपोर्ट के अनुसार यह मामला आरपीएससी द्वारा 15 अक्टूबर 2022 को आयोजित स्कूल लेक्चरर प्रतियोगी परीक्षा (हिंदी विषय) से जुड़ा है। जालोर के रानीवाड़ा थाना क्षेत्र स्थित ग्राम कूड़ा निवासी दिनेश कुमार विश्नोई (34) पुत्र बाबूलाल को फर्जीवाड़े में मुख्य आरोपी बनाया गया है। दिनेश वर्तमान में गुजरात के अहमदाबाद स्थित ओएनजीसी चांदखेड़ा के केंद्रीय विद्यालय में सीनियर टीचर (हिंदी) के पद पर कार्यरत है। साथ ही सांचौर के खारा निवासी उसके परिचित मनोहरलाल पुत्र हरिराम को भी साजिश रचने और डमी अभ्यर्थी की व्यवस्था करने के आरोप में नामजद किया गया है। सामान्य ज्ञान में कमजोर था तो डमी अभ्यर्थी की रची साजिश एसओजी द्वारा पूर्व के एक मामले में 23 जनवरी को जब आरोपी दिनेश कुमार को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई, तो उसने जुर्म कबूल कर लिया। जांच में सामने आया कि आरोपी दिनेश कुमार की हिंदी विषय (द्वितीय प्रश्न पत्र) पर तो मजबूत पकड़ थी, लेकिन प्रथम प्रश्न पत्र (सामान्य ज्ञान एवं सामान्य अध्ययन) की तैयारी कमजोर थी। ऐसे में किसी भी तरह सलेक्शन पाने की नीयत से उसने परिचित मनोहरलाल से संपर्क किया। दोनों के बीच यह तय हुआ कि मनोहरलाल पहले पेपर के लिए किसी डमी अभ्यर्थी की व्यवस्था करेगा और सलेक्शन होने के बाद दिनेश उसे तय रकम देगा। इस सौदेबाजी के बाद दिनेश ने अपने सभी दस्तावेज और फोटो मनोहर को उपलब्ध करवा दिए। मनोहर लाल ने शातिराना तरीके से आरपीएससी द्वारा जारी मूल प्रवेश पत्र में कंप्यूटर की मदद से छेड़छाड़ कर दिनेश की फोटो हटाकर डमी अभ्यर्थी का फोटो लगा दिया और एक जाली प्रवेश पत्र तैयार कर लिया। अलग-अलग केंद्रों पर फर्जीवाड़े का खेल और साइन में हेरफेर एफआईआर में दर्ज तथ्यों के अनुसार- RPSC ने दिनेश कुमार के आवेदन नंबर पर रोल नंबर 433954 आवंटित किया था। 15 अक्टूबर 2022 को सुबह 9 से 10:30 बजे तक जोधपुर की सरदारपुरा रोटरी चौराहा स्थित राजकीय बालिका उ.मा.वि. में प्रथम प्रश्न पत्र (सामान्य ज्ञान एवं सामान्य अध्ययन) की परीक्षा हुई थी। इसमें दिनेश की जगह जाली प्रवेश पत्र के जरिए डमी अभ्यर्थी ने परीक्षा दी। वहां अटेंडेंसशीट पर डमी अभ्यर्थी का फोटो लगा था और उसने पहचान छिपाने के लिए हिंदी में (दिनेश) साइन किए तथा आईडी के तौर पर आधार कार्ड का इस्तेमाल किया। उसी दिन दोपहर 2 बजे से 5 बजे तक जालोरी गेट स्थित महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय (अंग्रेजी माध्यम) में हुए द्वितीय प्रश्न पत्र (हिंदी) की परीक्षा में दिनेश कुमार खुद बैठा। वहां की अटेंडेंस शीट में उसने अंग्रेजी में साइन किए और पहचान के तौर पर पैन कार्ड का नंबर अंकित करवाया। दस्तावेजों के मिलान से खुला राज, खुद भी बना था डमी अभ्यर्थी एसओजी ने पूरे गिरोह का पर्दाफाश करने के लिए आरपीएससी अजमेर से मूल अटेंडेंस शीट, प्रवेश पत्र और ओएमआर शीट प्राप्त कीं। इन दस्तावेजों के बारीकी से जांच में सामने आ गया कि एक ही रोल नंबर वाले अभ्यर्थी के दोनों पारियों की अटेंडेंस शीट और ओएमआर शीट पर स्कैन फोटो, चस्पा रंगीन फोटो और साइन में बड़ा अंतर है। इसी जांच के बीच यह भी खुलासा हुआ कि दिनेश कुमार खुद भी एक पेशेवर डमी अभ्यर्थी है। वह आरपीएससी की सीनियर टीचर (संस्कृत शिक्षा विभाग) प्रतियोगी परीक्षा 2022 के हिंदी विषय में रमेश कुमार राणा नामक अभ्यर्थी की जगह डमी बनकर बैठा था। इस मामले में एसओजी जयपुर में वर्ष 2023 में दर्ज केस की जांच के दौरान ही स्कूल लेक्चरर भर्ती में किए गए इस नए फर्जीवाड़े की परतें खुलीं। इसके बाद उसे आगे की परीक्षाओं से डिबार करने के लिए इसका परिणाम रोका गया।