अजमेर शहर में पानी की अनियमित सप्लाई और कम प्रेशर की समस्या को लेकर शुक्रवार को पार्षदों और क्षेत्रवासियों ने अनोखे अंदाज में प्रदर्शन किया। वार्डों में पानी की समस्या को लेकर निकाली गई जल अधिकार यात्रा में कोई व्हीलचेयर पर पाइप से लिपटे मटके रखकर चला, तो कोई गले में पानी की टोंटियों की माला पहनकर विरोध जताता नजर आया। हाथों में पाइप और टोंटियां लेकर निकले प्रदर्शनकारियों ने जलदाय विभाग के खिलाफ नारेबाजी की और नियमित पानी सप्लाई की मांग उठाई। 7 पार्षदों के नेतृत्व में निकली यह यात्रा पुलिस लाइन से शुरू होकर जलदाय विभाग के अधीक्षण अभियंता कार्यालय पहुंची। यहां प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर विरोध जताया और ज्ञापन सौंपा। जल भवन के बाहर पुलिस की ओर से गेट बंद किए जाने के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। गले में टोंटियों की माला, व्हीलचेयर पर मटके रखकर जताया विरोध प्रदर्शन में पानी की समस्या को प्रतीकात्मक तरीके से दिखाया गया। व्हीलचेयर पर पाइप से लिपटे मटके रखे गए, जबकि पाइप पर सात वार्डों के प्रतीक के तौर पर टोंटियां लगाई गईं। पार्षद और अन्य प्रदर्शनकारी टोंटियों की माला पहनकर तथा हाथों में पाइप लेकर यात्रा में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पानी की समस्या से परेशान लोगों को नियमित सप्लाई के लिए बार-बार आवाज उठानी पड़ रही है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो रहा। 48 घंटे में एक बार पानी, वह भी कम प्रेशर से पूर्व पार्षद निक्की तुनवाल ने बताया कि वार्ड संख्या 60, 61, 62, 63, 64, 65 और 66 में पानी की अनियमित आपूर्ति, कम प्रेशर और पुरानी पाइपलाइन के कारण होने वाली परेशानियों को उठाया गया। पार्षदों ने मांग की कि सभी संबंधित वार्डों में प्रत्येक 24 घंटे में नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए। फिलहाल सप्लाई का अंतराल और कम प्रेशर होने से घरों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंचने की शिकायत है। प्रदर्शनकारियों ने जलापूर्ति की अवधि एक घंटे करने और सप्लाई का समय तय करने की मांग भी रखी, ताकि नौकरीपेशा लोगों, श्रमिकों और स्कूली बच्चों को परेशानी नहीं हो। साथ ही सर्दियों में रात 8 बजे के बाद पानी की सप्लाई नहीं करने की मांग की गई। 30-35 साल पुरानी पाइपलाइन बदलने की मांग पार्षद नौरत गुर्जर ने बताया कि संबंधित वार्डों में करीब 30 से 35 साल पुरानी पाइपलाइन बदलने की मांग भी उठाई गई। पुरानी और जगह-जगह क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों के कारण पानी दूषित होने और लीकेज की समस्या बनी रहती है। इसके स्थान पर 4 से 6 इंच की नई पाइपलाइन डालने की मांग की गई। इसके अलावा त्योहारों के दौरान पानी की अतिरिक्त जरूरत को देखते हुए 20 मिनट अतिरिक्त जलापूर्ति, वार्ड 61 में राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के पीछे स्थित गांव बिदिया में स्वीकृत पानी की टंकी का निर्माण जल्द शुरू कराने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही। गेट बंद करने पर बढ़ा तनाव, पुलिस से धक्का-मुक्की जल अधिकार यात्रा जब जल भवन पहुंची तो गेट बंद किए जाने पर प्रदर्शनकारियों में नाराजगी बढ़ गई। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सात वार्डों के लोग लंबे समय से पानी की समस्या से जूझ रहे हैं और अब नियमित सप्लाई, पर्याप्त प्रेशर तथा पुरानी पाइपलाइन बदलने की मांग पर ठोस कार्रवाई होनी चाहिए।