अलवर शहर में तिजारा फाटक के पास शिव कॉलोनी में चल रहा नाली निर्माण कार्य एक बार फिर धराशायी हो गया। 95 लाख रुपए की लागत से बन रहे इस नाले का एक बड़ा हिस्सा दूसरी बार ढह गया। घटना के बाद स्थानीय निवासियों में गुस्सा है। लोगों का सीधा आरोप है कि ठेकेदार और नगर निगम के अधिकारियों की मिलीभगत से जनता के टैक्स के पैसे को पानी की तरह बहाया जा रहा है। सरिए की जगह ईंट, सीमेंट की जगह सिर्फ मिट्टी! कॉलोनी निवासी विनय कुमार व रविंद्र बताया कि तकनीकी मापदंडों के अनुसार नाली के निर्माण में मजबूत रोड़ी (कंक्रीट) और सरिए (लोहे की छड़ें) का इस्तेमाल होना था। लेकिन ठेकेदार ने नियमों को ताक पर रखकर सिर्फ ईंटें चिनकर दीवार खड़ी कर दी। मसाला बनाने में मुट्ठी भर सीमेंट का इस्तेमाल किया जा रहा है, बाकी सिर्फ रेत है। हाथ लगाते ही दीवार झड़ रही है। यही वजह है कि बनते-बनते ही यह दूसरी बार ढह गई।" पूर्व पार्षद ने खोले मिलीभगत के राज मामले को लेकर पूर्व पार्षद सोनू चौधरी ने सीधे तौर पर नगर निगम के अधिकारियों और ठेकेदार के गठजोड़ पर हमला बोला है। पूर्व पार्षद ने आरोप लगाया कि ठेकेदार प्रवीण चौधरी को निगम के कर्मचारियों और अधिकारियों का पूरा संरक्षण प्राप्त है। बिना मिलीभगत के इतना घटिया निर्माण संभव ही नहीं है। जलभराव का संकट नाली टूटने से अब शिव कॉलोनी और तिजारा फाटक के आसपास के इलाकों में बारिश के पानी की निकासी पूरी तरह ठप हो गई है। पानी रुकने से स्थानीय लोग बदबू और मच्छरों के आतंक से परेशान हैं। जलभराव के कारण घरों में पानी घुसने का खतरा भी बढ़ गया है। नाली निर्माण में लापरवाही, बारिश में ढह गई:लोग का आरोप- रोड़ी-सरिए की जगह लगाई ईंट; पार्षद बोले- 95 लाख रुपए के काम में हुआ भ्रष्टाचार