अलवर जिले में रविवार रात करीब 8 बजे चलती 108 एंबुलेंस में प्रसूता ने जुड़वां बच्चों को जन्म दिया। दरअसल, अस्पताल ले जाते समय महिला को रास्ते में ही प्रसव पीड़ा होने लगी ऐसे में एंबुलेंसकर्मी ने सूझबूझ दिखाते हुए रास्ते में ही प्रसूता की सुरक्षित डिलीवरी करवाई। वहीं प्रसव के बाद जच्चा और बच्चा तीनों को सुरक्षित जनाना अस्पताल में भर्ती कराया। फिलहाल तीनों की हालत स्वस्थ है। महिला ने एक बेटा और एक बेटी को जन्म दिया है। रास्ते में ही बाहर आने लगा था बच्चे का सिर 108 एंबुलेंस के कर्मचारी ईएमटी यशवंत शर्मा ने बताया कि गांव नाहरपुर से प्रसूता के संबंध में कॉल मिला था। इस पर वह एंबुलेंस चालक रतन सिंह के साथ मौके पर पहुंचे। आगरा की रहने वाली हरदेई (हाल निवासी नाहरपुर) को एंबुलेंस में लेकर अलवर जनाना अस्पताल के लिए रवाना हुए। इसी दौरान बख्तल की चौकी और नाहरपुर के बीच महिला की प्रसव पीड़ा अचानक बहुत तेज हो गई। ईएमटी ने जब जांच की तो पता चला कि बच्चे का सिर बाहर आने लगा है और अब अस्पताल पहुंचने तक का इंतजार करना जोखिम भरा हो सकता है। एंबुलेंस रोककर सुरक्षित डिलीवरी करवाई स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चालक रतन सिंह ने एंबुलेंस को तुरंत रास्ते में ही रोक दिया। ईएमटी यशवंत शर्मा ने महिला के परिजनों की मदद से एंबुलेंस के भीतर ही सुरक्षित प्रसव कराया। महिला ने एक-एक कर जुड़वां बच्चों (एक लड़का व एक लड़की) को जन्म दिया। डिलीवरी के बाद एंबुलेंस कर्मियों ने पूरी सावधानी के साथ मां और दोनों नवजात बच्चों को अलवर के जनाना अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज जारी है। एंबुलेंस कर्मियों की इस तत्परता और जिम्मेदारी की हर कोई सराहना कर रहा है।