अलवर कलेक्टर कार्यालय व उनकी कार को कुर्क करने के आदेश के बाद अब कोर्ट ने दूसरे मामले में अलवर UIT व नगर निगम की संपति कुर्क करने के आदेश दिए हैं। कलेक्टर कार्यालय के सामान की कुर्की के आदेश नर्सिंग भर्ती में अभ्यर्थी को नियुक्ति नहीं देने के मामले में दिए थे। यह मामला खांचा भूमि आवंटन नहीं करने का का है। अलवर के ACJM न्यायालय ने नगर विकास न्यास (यूआईटी) और नगर निगम की संपत्ति कुर्क करने के आदेश जारी किए हैं। मामले की जानकारी देते हुए अधिवक्ता तरुण सैनी ने बताया कि यूआईटी प्रकरण में खांचा भूमि सुंदरलाल सैनी को देने के आदेश पूर्व में जारी किए गए थे, लेकिन इसके बावजूद करीब ढाई वर्ष तक यूआईटी यह कहती रही कि संबंधित दस्तावेज नगर निगम को सौंप दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि जब न्यायालय ने मूल दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए तो अधिकारियों की ओर से दस्तावेज चोरी होने की बात कही गई। इस पर न्यायालय ने फरवरी 2026 में पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए थे, लेकिन यूआईटी द्वारा करीब दो महीने तक कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई। आरोप है कि न्यायालय के निर्देश 1207 खसरा नंबर को लेकर रिपोर्ट दर्ज कराने के थे, लेकिन अधिकारियों ने 674 और 676 खसरा नंबर की रिपोर्ट दर्ज कराकर न्यायालय को गुमराह करने का प्रयास किया। मामले में न्यायालय ने जिला कलेक्टर अर्तिका शुक्ला को भी कई बार आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। वहीं नगर निगम की ओर से भी मामले में संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। लगातार लापरवाही और न्यायालय के आदेशों की अवहेलना को गंभीर मानते हुए ACJM न्यायालय ने अब यूआईटी और नगर निगम की संपत्ति कुर्क करने के आदेश जारी कर दिए हैं।