अलवर शहर में बदमाशों ने घर में घुसकर व्यापारी की हत्या कर दी। उनके हाथ-पैर बांधकर मुंह में कपड़ा ठूंस दिया। इसके बाद घर से करीब डेढ़-दो लाख रुपए लूटकर फरार हो गए। 12 घंटे में ही पुलिस ने वारदात का खुलासा कर दिया। दो आरोपियों को डिटेन किया है। दोनों आरोपी करण (20) पुत्र रामजीलाल निवासी दारूकुटा मोहल्ला और तेजू उर्फ तेजपाल (20) पुत्र अशोक निवासी सरकारी क्वार्टर व्यापारी के पड़ोसी हैं और चोरी की नीयत से घर में घुसे थे। मुख्य आरोपी अभी पकड़ से बाहर हैं। दो नाबालिगों की भी संलिप्ता सामने आई है। घटना कोतवाली थाना क्षेत्र में गुरुवार शाम करीब 7 बजे खदाना मोहल्ले की है। खदाना मोहल्ला निवासी व्यापारी दिनेश चंद अग्रवाल (80) घर में अकेले रहते थे। उनका बेटा विकास अग्रवाल मेडिकल रिप्रजेंटेटिव (MR) है। वह परिवार के साथ स्कीम-4 में रहता है। दिनेश अलवर नगर परिषद के पूर्व चेयरमैन अजय अग्रवाल के मामा और पूर्व CMHO डॉ. सुबोध अग्रवाल के चचेरे भाई थे। अजय अग्रवाल साल 2023 में कांग्रेस के टिकट पर अलवर शहर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ चुके हैं। अब वे कांग्रेस में नहीं हैं। बेटे के घर नहीं पहुंचे तो किया फोन बेटे विकास की पत्नी रीमा अग्रवाल ने बताया- मेरे ससुर दिनेश चंद अग्रवाल खदाना मोहल्ले वाले मकान में अकेले रहते थे। वे स्वाभिमानी थे और बुढ़ापे में भी अपना सारा काम खुद ही करते थे। वे रोजाना रात का खाना खाने के लिए खदाना मोहल्ले से एक किलोमीटर दूर स्कीम नंबर 4 में हमारे घर आते थे। जब गुरुवार शाम वे खाना खाने नहीं पहुंचे तो करीब 7:30 बजे मेरे पति विकास ने उन्हें फोन किया। उनका लैंडलाइन नंबर बंद आया। इसके बाद मेरे पति वहां पहुंचे तो पिता कमरे में चारपाई पर मृत पड़े मिले। बदमाशों ने उनके हाथ, पैर और मुंह को कपड़ों से कसकर बांध रखा था, ताकि वे चिल्ला नहीं सकें। घर की अलमारियां टूटी हुई थीं और सारा सामान बिखरा पड़ा था। हमेशा अपने पास एक से दो लाख कैश रखते थे घटना की सूचना मिलते ही नगर परिषद के पूर्व चेयरमैन और दिनेश के भांजे अजय अग्रवाल मौके पर पहुंचे। उन्होंने तुरंत अलवर एसपी को मामले की जानकारी दी। अजय अग्रवाल ने बताया- मेरे मामा बेहद स्वाभिमानी व्यक्ति थे। बुढ़ापे में भी वे बैंक से नए नोट लाकर जरूरतमंदों को देने का छोटा-मोटा काम करते थे। उनके पास हमेशा लाख-दो लाख रुपए कैश रहता था। ऐसा लगता है कि किसी नजदीकी या बदमाश को इस कैश की भनक लग गई थी। इसी वजह से बदमाश रेकी कर घर में घुसे और उनकी हत्या कर दी। घर से डेढ़ लाख रुपए गायब बेटे विकास अग्रवाल ने बताया कि बुधवार रात 10 बजे मैं पिता को राजी-खुशी घर छोड़कर गया था। पिता दोपहर का खाना खदाना मोहल्ले के मकान में खुद ही बनाकर खा लेते थे। रात का खाना स्कीम-4 में मेरे घर आकर ही खाते थे। गुरुवार को नहीं आए तब उनको फोन किया। उनके फोन नंबर पर रिंग नहीं गई। इसके बाद खदाना मोहल्ले में आकर देखा तो मकान में अंदर से लॉक लगा हुआ था। जो मेन गेट है, उसमें एक छेद भी है। मैंने दूसरी चाबी से छेद में हाथ डालकर गेट खोला था। घर से करीब डेढ़-दो लाख रुपए गायब हैं। विकास ने बताया- पिता अपना खर्च निकालने के लिए नए नोटों की फ्रेश गड्डियां और खुले रुपए देने का काम करते थे। मामले में दो पड़ोसी डिटेन एएसपी दीपक कुमार ने बताया- सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। बुजुर्ग का शव बेड (चारपाई) पर पड़ा था। एफएसएल, एमओबी, तकनीकी टीम और डॉग स्क्वायड की मदद से जांच की गई। पुलिस टीमों ने लगातार 12 घंटे तक सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और अन्य सुरागों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें डिटेन किया। मामले में करण (20) पुत्र रामजीलाल निवासी दारूकुटा मोहल्ला और तेजू उर्फ तेजपाल (20) पुत्र अशोक निवासी सरकारी क्वार्टर, मालवीय नगर को डिटेन किया है। मुख्य आरोपी अभी पकड़ से बाहर हैं। दो नाबालिगों की भी संलिप्ता सामने आई है। पुलिस टीमों ने लगातार 12 घंटे तक सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और अन्य सुरागों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें डिटेन किया। आरोपी व्यापारी के पड़ोसी ही है। उन्हें पता था कि व्यापारी के पास नकदी रखी होती है। ऐसे में चोरी की नीयत से घर में घुसे थे। आरोपी सिक्के ज्यादा लेकर गए थे।