उदयपुर में 4 दिन पहले कार सवार ट्रेवल्स व्यवसायी के साथ सड़क पर मारपीट कर लूट की वारदात की गई। 12 से 15 बदमाशों ने व्यवसायी का हाथ तोड़ दिया और लात-घूंसों से बुरी तरह मारपीट की। पीड़ित पुष्पेंद्र सिंह पिता शिव सिंह निवासी झल्लारा के साथ यह वारदात 23 जुलाई को रात करीब 8:10 बजे हुई थी। पीड़ित पुष्पेंद्र ने बताया- आरोपी मेरी गाड़ी में रखे 15 हजार रुपए और गले से सोने की चेन छीनकर ले गए। इस पर मैंने 23 जुलाई को सुखेर थाने में मामला दर्ज कराया, लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया। वहीं पुलिस ने 24 जुलाई को आरोपियों को धारा 151 में पाबंद करके छोड़ दिया। इसके तीसरे दिन बाद 25 ​जुलाई की शाम करीब 6 बजे एफआईआर दर्ज की। इसमें आरोपियों को अज्ञात बता दिया। इस कार्रवाई ने सुखेर थाना पुलिस पर बड़े सवाल खड़े किए हैं। आरोप- पुलिस बुलाने के​ लिए 100 नंबर लगाया तो बदमाशों ने पीटा पीड़ित युवक पुष्पेंद्र सिंह ने दर्ज रिपोर्ट में बताया- मैं न्यू आरटीओ स्थित मेरे ऑफिस से कार से घर जा रहा था। तभी सेरेमनी रिसोर्ट मोड़ पर एक स्कॉर्पियो (RJ37 TA 1381) और थार (RJ13 CF 6506) गाड़ी अचानक मुझे ओवरटेक करते हुए आगे आई। गाड़ी पर कट बताकर मुझे रोका। मेरी कार का गेट खोला और गाली-गलौज करते हुए मेरे साथ मारपीट शुरू कर की। दोनों कार में 12 से 15 युवक सवार थे। उन्होंने कार से 15 हजार रुपए ले लिए और छीना-झपटी में सोने की चेन भी ले ली। पीड़ित ने बताया- मैंने जब पुलिस को बुलाने के लिए 100 नंबर पर कॉल लगाया तो बदमाशों ने मुझे और पीटा। आरोपियों ने मुझे धमकाते हुए कहा- पुलिस के पास हम नहीं जाते। पुलिस हमारे पास आती है। सुखेर पुलिस की 3 बड़ी लापरवाही ASI बोलीं- आरोपियों को पाबंद करके छोड़ दिया, वापस जांच करेंगे मामले में जांच कर रही एएसआई आशा से कार्रवाई को लेकर सवाल पूछा गया तो वे बोलीं- हमने आरोपियों को पाबंद कर छोड़ दिया। अब एफआईआर दर्ज की है। इसमें जांच होगी और जांच के बाद कार्रवाई होगी। हालांकि पहले ही छोड़ने के सवाल पर वे स्पष्ट जबाव नहीं दे पाईं।