अलवर में जीएसटी विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर ओमप्रकाश के घर लूट के बाद उनका जयपुर ट्रांसफर कर दिया गया है। वे अपने ट्रांसफर से खुश नहीं है। उन्होंने कहा- 'मेरा जयपुर ट्रांसफर होने से मुश्किलें और बढ़ जाएगी। मेरी पत्नी बीमार है, खाने बनाने में उसकी मदद करनी पड़ती है। वहीं मेरे बच्चे स्कूल जाने में भी डरने लगे है। अलवर में रहकर पुलिस से कॉर्डिनेट कर सोने के जेवर की रिकवरी भी जल्दी करवा पाऊंगा। मैं चाहता हूं कि सरकार अभी मेरा ट्रांसफर रोके। ' दरअसल, असिस्टेंट कमिश्नर ओमप्रकाश के शहर के शालीमार सोसायटी स्थित घर में 4 जुलाई को लूट की वारदात हुई थी। बदमाशों ने घर में घुसकर उनके परिवार को बंधक बनाकर नगदी और जेवर लूटकर ले गए थे। मामले में चार आरोपियों को डिटेन कर लिया गया है लेकिन जेवरातों की रिकवरी नहीं हुई है, जिसकी कीमत करीब 20 लाख रुपए थी। ‘पत्नी को सर्वाइकल का दर्द, खुद बनाता हूं खाना’ ट्रांसफर से नाखुश असिस्टेंट कमिश्नर ने कहा कि उनके एक बेटा और बेटी है। वारदात के बाद से दोनों स्कूल जाने से भी डरते है। घटना के बाद एक-दो बार ही स्कूल गए है। बदमाश जान से मारने की धमकी देकर भागे थे। बच्चों की कसम खाकर बोले-घर में सिर्फ 35 हजार कैश था असिस्टेंट कमिश्नर ने भावुक होते हुए कहा, मैं अपने बच्चों की कसम खाकर कहता हूं कि मेरे घर में 35 हजार रुपए से ज्यादा कैश नहीं था। लेकिन बदमाश करीब 15 से 20 तोला सोना लूट ले गए। यह मेरा बहुत मोटा नुकसान है। इस घटना के बाद से मेरा पूरा परिवार डरा हुआ है। अगर मैं अलवर में रहूंगा, तो स्थानीय पुलिस से लगातार कॉर्डिनेट करके लूटे गए सोने की रिकवरी जल्दी करा पाऊंगा। सरकार से ट्रांसफर रोकने की मांग असिस्टेंट कमिश्नर ओमप्रकाश का कहना है कि मेरा जयपुर तबादला होने से मुश्किलें और बढ़ गई हैं। मैं चाहता हूं कि सरकार अभी मेरा ट्रांसफर रोके। जयपुर में कमिश्नर के कार्यालय में चक्कर लगा रहे हैं। एक दिन पहले केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से भी मिले हैं। मामले में 4 आरोपी गिरफ्तार मामले में पुलिस ने चार बदमाशों को 11 जुलाई की शाम को गिरफ्तार किया था। आरोपी इतने शातिर हैं कि उन्हें पुलिस पहचान नहीं सके, इसलिए बार-बार कपड़े बदले। वारदात के दिन (4 जुलाई को) अफसर के कपड़े अपने साथ लेकर गए थे। जिन कपड़ों को पहनकर वारदात की, उन कपड़ों को रेलवे ट्रैक पर पटककर अफसर के कपड़े पहन लिए थे। आरोपियों ने पूरी प्लानिंग के साथ वारदात को अंजाम दिया। घटना से पहले उन्होंने कई दिनों तक जीएसटी अधिकारी के घर और आसपास के इलाके की रेकी की। घर की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी थी। मौका मिलने पर आरोपियों ने घर में घुसकर लूट की वारदात को अंजाम दिया था। --- ये खबर भी पढ़िए- जीएसटी असिस्टेंट कमिश्नर के घर लूट:परिवार को डेढ़ घंटे तक बंधक बनाया, बचाने आए बेटे का सिर फोड़ा; बदमाशों ने आम भी खाए अलवर में तीन नकाबपोश बदमाशों ने जीएसटी विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर ओमप्रकाश (50) के परिवार को बंधक बनाकर लूट की वारदात को अंजाम दिया। (पढ़िए पूरी खबर)