NEET पेपर लीक, CBSE परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और जंतर-मंतर पर आंदोलनरत छात्रों के समर्थन में शुक्रवार को शिमला में बड़ी संख्या में लोगों ने कैंडल मार्च निकाला। इंदिरा गांधी खेल परिसर से शुरू हुआ शांतिपूर्ण मार्च माल रोड होते हुए रिज मैदान तक पहुंचा। रिज पर महात्मा गांधी की प्रतिमा के आगे मोमबत्तियां जलाकर उन छात्रों को श्रद्धांजलि दी गई, जिनके बारे में दावा किया गया कि उन्होंने NEET पेपर लीक विवाद के बाद आत्महत्या कर ली। साथ ही छात्रों के भविष्य की सुरक्षा और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग उठाई। मार्च के दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। जिलों में भी निकले कैंडल मार्च शिमला के अलावा प्रदेश के अन्य जिला मुख्यालयों में भी कैंडल मार्च निकाला गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर पर आंदोलनरत छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में अपना आक्रोश जताया। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी प्रदेशवासियों से कैंडल मार्च में शामिल होकर छात्रों के समर्थन में आवाज उठाने की अपील की थी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने कहा कि कांग्रेस छात्रों के साथ मजबूती से खड़ी है और उनके भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री समेत कई नेता कैंडल मार्च में शामिल शिमला में निकाले गए इस कैंडल मार्च में कांग्रेस-माकपा नेताओं के अलावा एसएफआई, एनएसयूआई, यूथ कांग्रेस इत्यादि संगठनों के लोग शामिल हुए। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, कई कैबिनेट मंत्री, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार, माकपा के पूर्व विधायक राकेश सिंघा सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने मार्च में भाग लिया। शिमला में कैंडल मार्च के PHOTOS…