टोंक में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) की सलाया-मथुरा क्रूड ऑयल पाइपलाइन में सेंध लगा कर कच्चा तेल चुराने वाले 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इसका मास्टरमाइंड CRPF से अनुशासनहीनता के चलते निकाला जा चुका है। इसके बाद क्राइम की दुनिया में आ गया। इसकी गैंग के लोग स्थानीय स्तर पर लोग तलाशते। रात को खेत में पहुंचते और खुदाई कर वाल्व लगा देते। पूछताछ में आरोपियों ने अजमेर और नसीराबाद में भी ऐसी वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया है। आरोपियों को शुक्रवार को गिरफ्तार किया था। इसके बाद शनिवार को कोर्ट में पेश कर 3 दिन की रिमांड पर लिया गया है। 5 राज्यों के 12 बदमाश; सरगना यूपी का एएसपी पुष्पेन्द्र सिंह सोलंकी ने बताया- IOCL की पाइपलाइन में अवैध कनेक्शन जोड़कर कच्चा तेल चुराने के मामले में मास्टरमाइंड मेरठ निवासी मुनेश कुमार उर्फ़ फौजी, सतनाम सिंह (पंजाब), अजय सिंह वाघेला (गुजरात), राजेश कुमार (हरियाणा), अनीश कुमार (हरियाणा), धर्मेंद्र (मध्य प्रदेश), जाकिर हुसैन (मध्य प्रदेश), मोहनलाल गुर्जर (ब्यावर), नाथूराम गुर्जर (अजमेर), गोपाल गुर्जर (ब्यावर), शंकरलाल गुर्जर (टोंक) तथा प्रभुलाल बैरवा (लड़ी, टोंक) को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों को 25 जुलाई को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है। अनुसंधान अधिकारी अब गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश, वारदात में प्रयुक्त वाहनों और उपकरणों की बरामदगी तथा चोरी किए गए क्रूड ऑयल की खरीद-फरोख्त के नेटवर्क का पता लगाने में जुटे हैं। पुलिस का मानना है कि इस गैंग से पूछताछ में पाइपलाइन चोरी से जुड़े कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं। ASP बोले- विस्फोट भी हो सकता था ASP सोलंकी ने बताया- यह केवल चोरी का मामला नहीं है, बल्कि नेशनल एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील अपराध है। क्रूड पाइपलाइन देश की ऊर्जा आपूर्ति की महत्वपूर्ण कड़ी है। इसमें सेंध लगाने से न केवल सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचता है, बल्कि किसी भी समय भीषण विस्फोट और आग लगने का खतरा बना रहता है। यदि पाइपलाइन में दबाव के कारण बड़ा रिसाव होता तो आसपास के गांवों में भारी जनहानि और पर्यावरणीय नुकसान भी हो सकता था। इसी कारण पुलिस ने मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अंतरराज्यीय स्तर पर समन्वय स्थापित कर कार्रवाई की। CRPF से अनुशासनहीनता के चलते निकाला एएसपी ने बताया- मुख्य सरगना मुनेश उर्फ फौजी सीआरपीएफ का जवान रहा है। पूछताछ में पुलिस को बताया कि उसे अनुशासनहीनता के चलते 1998 में उसे CRPF से निकाल दिया था। इसके से वह क्राइम की दुनिया में आ गया। उसके दो दर्जन मामले दर्ज यूपी समेत अन्य जगह, इसमें चोरी, मारपीट आदि के मामले दर्ज हैं। वह लंबे समय से पाइपलाइन चोरी की घटनाओं में सक्रिय रहा है और देशभर में 2 दर्जन से अधिक वारदातों को अंजाम दे चुका है। उसके नेतृत्व में संगठित गैंग विभिन्न राज्यों में जाकर पाइपलाइन चोरी की योजनाएं बनाती थी। ऐसे करते थे कच्चा तेल चोरी झाड़ियों में मिला था गड्ढा एएसपी पुष्पेन्द्र सिंह सोलंकी ने बताया- 9 जुलाई को आईओसीएल के सीनियर डिविजनल ऑपरेशन मैनेजर राकेश प्रजापति ने पुलिस थाना पचेवर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि 8 जुलाई को आईओसीएल की सर्वे टीम नियमित निरीक्षण के दौरान लड़ी गांव के समीप एसएमपीएल पाइपलाइन के चेनज 525.750 किलोमीटर पर पहुंची। यहां खेत के एक कोने में संदिग्ध रूप से कंटीली झाड़ियां डाली गई थीं। जब झाड़ियों को हटाकर खुदाई की गई तो मुख्य भूमिगत पाइपलाइन से लगभग 30 फीट लंबी दो इंच व्यास की एक अतिरिक्त पाइप जुड़ी मिली, जिसके अंतिम सिरे पर वाल्व लगाया गया था। इससे स्पष्ट हो गया कि आरोपियों ने पाइपलाइन में अवैध कनेक्शन कर क्रूड ऑयल चोरी की पूरी व्यवस्था तैयार कर रखी थी। इसमें करीब 20 हजार लीटर कच्चा तेल चुराने की रिपोर्ट दी थी। इनपुट: दीपांशु पाराशर, डिग्गी। IOCL में तेल चोरी से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… इंडियन-ऑयल की पाइपलाइन में तेल चोरी के लिए लगाया वाल्व:40 फीट लंबा पाइप बिछाया, प्रेशर कम मिला तो पहुंची टीम टोंक के इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) की अंडरग्राउंड पाइपलाइन में सेंध लगाकर क्रूड ऑयल चोरी की कोशिश का मामला सामने आया है। पढ़ें पूरी खबर…