अलवर शहर के हीराबास मोहल्ले से पिछले चार दिनों से लापता घर के मुखिया का शव डीग में मिलने से इलाके में शोक की लहर फैल गई। पुलिस ने परिजनों को सूचना दी कि 8 अप्रैल को ही उनकी मौत हो चुकी थी। बताया जा रहा है कि मृतक अलवर से मथुरा जाने वाली ट्रेन में बैठकर डीग पहुंचे, जहां रेलवे जंक्शन के पास ट्रेन से कटने से उनकी मौत हो गई और सिर धड़ से अलग हो गया। शव की पहचान के लिए उसे डीग की मोर्चरी में रखवाया गया था। मृतक कैलाश चंद सैनी 8 अप्रैल की सुबह 5 बजे मॉर्निंग वॉक का कहकर घर से निकले थे और पत्नी से एक घंटे में लौटने की बात कही थी, लेकिन वापस नहीं आए। इसके बाद परिजनों ने अरावली विहार थाने में गुमशुदगी दर्ज करवाई थी। डीग पुलिस की सूचना पर परिजन पहुंचे और पोस्टमार्टम के बाद शव को अलवर लाया गया, जहां रात में ही अंतिम संस्कार कर दिया गया। मृतक के दोस्त विष्णु इंदोरिया के अनुसार कैलाश पिछले 30 साल से कंपनी में सुपरवाइजर थे और पिछले दो महीनों से परेशान नजर आ रहे थे। उनके एक बेटा और एक बेटी है, परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।