अलवर के भूगोर बाइपास स्थित सरस्वती आईटीआई के पास एक प्लॉट पर कब्जे की कोशिश और कोर्ट में गलत तथ्य पेश कर फर्जी दस्तावेज तैयार करने के आरोप में 15 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है। परिवादी महेंद्र मीणा ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने आपसी मिलीभगत कर उसके कब्जे वाले प्लॉट को हड़पने की साजिश रची। मामले में सदर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कोर्ट में गलत तथ्य पेश कर एकपक्षीय डिक्री लेने का आरोप परिवाद के अनुसार- विवादित जमीन भूगोर बाइपास स्थित सरस्वती आईटीआई के पास है। परिवादी का दावा है कि प्लॉट को लेकर पहले से विवाद चल रहा है और इस संबंध में मुकदमा भी विचाराधीन रहा है। परिवादी ने आरोप लगाया कि विवादित जमीन से जुड़े एक मामले में महत्वपूर्ण पक्षकारों को शामिल नहीं किया गया और तथ्य छिपाकर कोर्ट से 30 अप्रैल 2024 को एकपक्षीय डिक्री प्राप्त की गई। इसके बाद डिक्री की पालना में रजिस्ट्री कराने के आदेश भी पारित हो गए। प्लॉट पर निर्माण सामग्री डालने का आरोप परिवादी महेंद्र मीणा ने आरोप लगाया कि 4 और 10 जून 2026 को प्लॉट पर मिट्टी डालने की कोशिश की गई। इसके बाद मैंने सदर थाना पुलिस को शिकायत दी। परिवाद में यह भी आरोप लगाया गया कि आरोपियों ने प्लॉट पर निर्माण करने की मंशा से ईंट, पत्थर, रोड़ी और बजरी डाल दी तथा जबरन कब्जा करने का प्रयास किया। परिवादी का कहना है कि प्लॉट पर मेरा कब्जा है और आरोपियों को इस पर कब्जा करने का कोई अधिकार नहीं है। पुलिस ने जितेंद्र, राजेंद्र, हीरा देवी, मीनू, हिमांशी, सुरेश, कुक्की, नंदू, धनीराम, गिरधारी, सतीश कुमार गुप्त, अविनाश, सचिन मिश्रा, बीना, महेश चंद पर धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज बनाने और आपराधिक साजिश से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है।