उदयपुर में युवक पर हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों ने अंबामाता थाना क्षेत्र स्थित एकलव्य कॉलोनी में तीन दिन पहले युवक पर हमला किया था। थानाधिकारी दलपत सिंह राठौड़ ने बताया- पुलिस ने पहले दो सगे भाइयों हितेश रावत और निखिल रावत को हिरासत में लिया था। इसके बाद इनसे हुई कड़ाई से पूछताछ के आधार पर वारदात में शामिल तीसरे आरोपी और इनके सगे भाई हिमांशु रावत को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद कर लिया है। घटना के बाद से ही तीनों भाई फरार चल रहे थे, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही थी। फिलहाल पुलिस तीनों आरोपियों से गहनता से पूछताछ कर रही है और मामले की अग्रिम जांच जारी है। गाड़ी लेकर जाते भाई पर पीछे से चाकू से हमला किया: पीयूष प्रार्थी ने थाने में दी रिपोर्ट में बताया था कि उन्होंने लक्ष्मी रावत नाम की महिला से 2014 में प्लॉट खरीदा था। जिसका पेमेंट कर दिया था। उस महिला द्वारा हमसे बिना पूछे उस प्लॉट पर घर बनाया जा रहा है। जिसके लिए हमने उन्हें रोका। 10 जुलाई 2026 को भाई विनोद गाड़ी लेकर दुकान जा रहे थे। तभी महिला के तीन बेटों ने उन पर चाकू से हमला कर दिया। चाकू कमर और हाथ पर लगा। हमलावर ने इतनी तेज चाकू मारा कि कमर में पूरा चाकू घुस गया और वहीं फंसा रह गया। कमर में फंसे हुए चाकू के साथ ही घायल को गंभीर हालत में एमबी हॉस्पिटल कराया गया था। जहां डॉक्टरों ने ऑपरेशन के बाद बड़ी मशक्कत से चाकू बाहर निकाला था। थानाधिकारी दलपत सिंह राठौड़ के नेतृत्व में अमजद खान, आसिफ मोहम्मद, गोविंद सिंह, कांस्टेबल करतार, राजकमल और ओमप्रकाश इस कार्रवाई में शामिल थे।