केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा देने के बाद सीकर में छात्र संगठन स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ़ इंडिया(SFI) के साथ स्टूडेंट्स ने जश्न मनाया। कल्याण सर्किल‌ पर स्टूडेंट्स और युवाओं ने पटाखे फोड़कर खुशी मनाई। दूसरी तरफ कांग्रेस ने भी विजय मार्च निकाला। इस दौरान एसएफआई प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र ढाका ने कहा कि आखिरकार सरकार को झुकना ही पड़ा। अब एनटीए भंग होना बाकी है। आतिशबाजी‌ के बाद कॉकरोच जनता पार्टी और स्टूडेंट्स के संघर्ष के पक्ष में नारेबाजी हुई। स्टूडेंट्स ने इसे पिछले 36 दिनों के संघर्ष का परिणाम बताया है। गौरतलब है कि SFI ने बीती रातभर धरना दिया था। स्टूडेंट्स के सामने सरकार को झुकना पड़ा-SFI प्रदेशाध्यक्ष SFI प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र ढाका ने कहा कि पिछले 36 दिनों से दिल्ली जंतर-मंतर पर भूखे-प्यासे धरना दे रहे स्टूडेंट्स के सामने सरकार को‌ झुकना पड़ा है। सरकार को सुसाइड कर चुके स्टूडेंट्स के परिवारों को मुआवजा जल्द देना होगा। स्टूडेंट्स ने कहा कि अभी भी NTA को भंग करना बाकी है। ढाका ने कहा कि NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण परीक्षाओं में हुई धांधली, पेपर लीक और घोटालों ने देश के लाखों होनहार युवाओं के भविष्य को अधर में लटका दिया था। इस भ्रष्टाचार के खिलाफ छात्र संगठन लगातार सड़कों पर उतरकर विरोध दर्ज करवा रहे थे। प्रधान बने पहाड़ तो स्टूडेंट्स बने दशरत मांझी सीकर में कांग्रेस पार्टी ने शनिवार को विजय मार्च निकाला। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को सत्य और न्याय की जीत बताते हुए कांग्रेस पदाधिकारियों ने पहले अंबेडकर पार्क में सभा की और NEET पेपरलीक से दुखी होकर सुसाइड कर चुके स्टूडेंट्स को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद अंबेडकर पार्क से बजाज सर्किल तक विजय मार्च निकाला। सीकर विधायक राजेंद्र पारीक ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान ने पहाड़ बनाकर दिखाया, लेकिन स्टूडेंट्स ने दशरथ मांझी के रूप में कह दिया था कि जब तक तोड़ेंगे नहीं तब तक छोड़ेंगे नहीं। कांग्रेस जिलाध्यक्ष बोलीं- स्टूडेंट्स की जीत और मोदी सरकार की हुई हार कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुनीता गठाला ने कहा कि यह स्टूडेंट्स, युवाओं और सभी अभिभावकों की जीत है। केंद्र की मोदी सरकार के अहंकार की हार है। विजय मार्च में दांतारामगढ़ विधायक वीरेंद्र सिंह, धोद प्रत्याशी रहे जगदीश दानोदिया, निवर्तमान सभापति जीवण खां, जिला महासचिव समेत कई लोग मौजूद रहे।