भास्कर संवाददाता | टोंक कलेक्ट्रेट परिसर में शुक्रवार को अधिकारियों के वाहनों के स्थान पर खड़ी एक लावारिस कार से कुछ देर के लिए हलचल मच गई। कई दिनों से कार के वहीं खड़े होने की आशंका के बाद शाम को पुलिस को बुलाया गया। यातायात पुलिस क्रेन लेकर मौके पर पहुंची ही थी कि तभी कार मालिक वहां आ गया। उसने भविष्य में वहां वाहन नहीं खड़ा करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद कार को छोड़ दिया । कलेक्ट्रेट कर्मियों के अनुसार सफेद रंग की यह कार उपखंड अधिकारी कार्यालय के सामने टिनशेड के नीचे करीब एक सप्ताह से खड़ी थी। कर्मचारियों का कहना था कि कार को कई दिनों से कोई नहीं ले गया था। जांच में कार चौमूं निवासी के नाम निकली, जिसने फोन पर बताया कि यह वाहन कुछ समय पहले टोंक निवासी को बेचा जा चुका है। इसके बाद दिनभर वाहन मालिक की तलाश की गई और मामला अतिरिक्त कलेक्टर रामरतन सौंकरिया तक पहुंचा। सूचना मिलने पर यातायात पुलिस सहायक उप निरीक्षक भैंरुलाल चौधरी क्रेन लेकर पहुंचे। जैसे ही कार हटाने की कार्रवाई शुरू हुई, तभी सामने रहने वाला सोहेब मौके पर आ गया। उसने कार अपनी बताते हुए कागजात भी दिखाए और माफी मांग ली। इसके बाद उसे चेतावनी देकर वाहन छोड़ दिया गया। कुछ दिन पहले भी एडीएम आवास के बाहर एक बाइक लावारिस हालत में खड़ी मिली थी, जिससे वाहन निकालने में दिक्कत हुई थी। बाद में मामला कोतवाली पुलिस को सौंपा गया, लेकिन कार्रवाई नहीं हो सकी। बाद में बाइक मालिक स्वयं उसे लेकर चला गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि कलेक्ट्रेट परिसर को कई लोग निजी पार्किंग की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे कई बार जाम जैसी स्थिति बन जाती है। पहले भी यहां वाहन पार्किंग पर रोक लगाई गई थी, लेकिन अब व्यवस्था फिर से ढीली पड़ती दिखाई दे रही है।