सलूंबर जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और अन्य कार्मिकों का आंदोलन जारी है। बुधवार को आंगनबाड़ी कार्मिकों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। कार्मिक 1 जुलाई 2026 से प्रदेशव्यापी कार्य बहिष्कार पर हैं, उनका आरोप है कि सरकार और विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। एक भी मांग का समाधान नहीं हुआ-आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ज्ञापन में बताया गया कि संगठन ने नियमितीकरण, मानदेय वृद्धि, ग्रेच्यूटी, पेंशन और बकाया भुगतान जैसे मुद्दों को समय-समय पर विभाग और सरकार के समक्ष उठाया है। इसके बावजूद, विभागीय उदासीनता के कारण किसी भी मांग का समाधान नहीं हो पाया है। कार्मिकों ने जानकारी दी कि 4 जून को निदेशालय पर प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन से पहले 2 जून को विभाग ने संगठन को वार्ता के लिए बुलाया था। उस दौरान विभागीय अधिकारियों ने 10 से 15 दिनों के भीतर समस्त बकाया भुगतान कराने तथा नियमितीकरण, मानदेय वृद्धि, ग्रेच्यूटी और पेंशन जैसे विषयों पर सरकार स्तर पर सकारात्मक पहल का भरोसा दिलाया था। हालांकि, वार्ता के बाद न तो बकाया भुगतान हुआ और न ही किसी मांग पर कोई ठोस कार्रवाई की गई। आंदोलनरत कार्मिकों का कहना है कि लगातार आश्वासन मिलने के बावजूद समस्याओं का समाधान न होने से उनमें भारी नाराजगी है। आंदोलन को बड़ा करने की चेतावनी दी उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार शीघ्र उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। इसकी समस्त जिम्मेदारी सरकार और विभाग की होगी। ज्ञापन सौंपते समय बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं मौजूद थीं। उन्होंने सरकार से जल्द वार्ता कर लंबित मांगों का समाधान करने की मांग दोहराई।