भरतपुर में 11 सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। अधिकारियों से मिलने से रोकने पर हंगाम हो गया। कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट के अंदर जाने की कोशिश की तो पुलिस से धक्कामुक्की हो गई। हालात बिगड़ने पर पुलिस को कलेक्ट्रेट के गेट तक बंद करने पड़े। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि सुबह 10 बजे से धरने पर बैठने के बावजूद उनकी सुनवाई नहीं हुई। पहले देखें… प्रदर्शन की की दो तस्वीरें सुबह 10 बजे से धरने पर बैठीं, बोलीं- कोई अधिकारी नहीं आया आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नीलू फौजदार ने बताया - उनकी 11 सूत्रीय मांगें लंबे समय से लंबित हैं। कई बार अधिकारियों को ज्ञापन देने और मांगें बताने के बावजूद अब तक कोई समाधान नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता सुबह 10 बजे से कलेक्ट्रेट के बाहर धरने पर बैठी हैं, लेकिन उनकी बात सुनने के लिए कोई अधिकारी नहीं आया। महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने लगाया धक्कामुक्की का आरोप महिला कांग्रेस की जिला अध्यक्ष बबीता शर्मा ने कहा - आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने उन्हें बताया था कि वे अपनी मांगों को लेकर दो बार पहले भी कलेक्ट्रेट आ चुकी हैं, लेकिन हर बार उन्हें निराशा मिली। मौके पर पहुंचने पर उन्होंने देखा कि पुलिस कार्यकर्ताओं के साथ धक्कामुक्की कर रही थी। उनका आरोप है कि महिला पुलिसकर्मियों की जगह पुरुष पुलिसकर्मी महिलाओं को रोक रहे थे। 'अधिकारियों से मिलने नहीं दिया जा रहा' बबीता शर्मा ने आरोप लगाया - पुलिस को ऊपर से निर्देश दिए गए हैं कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अधिकारियों से नहीं मिलने दिया जाए। उन्होंने कहा कि सुबह से महिलाएं कलेक्ट्रेट के बाहर धरने पर बैठी हैं, लेकिन अधिकारी उनसे मिलने तक नहीं आए। उन्होंने यह भी कहा कि भरतपुर मुख्यमंत्री का गृह क्षेत्र होने के बावजूद महिलाओं के साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है।