एसएमएस अस्पताल के नए कार्डियक टावर में सोमवार से दिल के मरीजों की एंजियोप्लास्टी शुरू हो जाएगी। इससे गोल्डन आवर में मरीजों को इलाज मिल सकेगा। पहले इमरजेंसी से गंभीर मरीज को बांगड़ स्थित कैथ लैब तक ले जाने में 10 मिनट तक लगते थे, वहीं अब नए सेंटर में इमरजेंसी और कैथ लैब एक ही जगह होने से 3 मिनट में इलाज मिल सकेगा। नए सेंटर में जुलाई से ओपीडी और जांचें शुरू की गई थीं, अब कार्डियोलॉजी की इमरजेंसी और आईपीडी सेवाएं भी शुरू की जा रही हैं। अस्पताल में एक कैथ लैब तैयार हुई, तीन और बनेंगी एसएमएस के बांगड़ परिसर में तीन कैथ लैब चल रही हैं। अब कार्डियक सेंटर में 4 नई कैथ लैब तैयार हो रही हैं। पहली लैब सोमवार से शुरू होगी। इसमें एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी, पेसमेकर, एआईसीडी और सीआरटी जैसे प्रोसीजर होंगे। कैथ लैब में जापान से आई लेटेस्ट टेक्नोलॉजी की मशीन लगाई गई है। इसके बाद बांगड़ की तीनों कैथ लैब हटा दी जाएंगी। ओपीडी नई बिल्डिंग में शिफ्ट तो 3 माह में डबल हुए मरीज करीब 80 करोड़ रुपए की लागत से तैयार नए कार्डियक सेंटर में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कार्डियक टावर के नोडल अधिकारी डॉ. सुनील शर्मा ने बताया कि वर्तमान में रोजाना 800 से 1000 मरीज ओपीडी में पहुंच रहे हैं। कार्डियोलॉजी विभाग की ओपीडी नई बिल्डिंग में शिफ्ट होने के बाद मरीजों का दबाव भी बढ़ा है। इसी को देखते हुए अस्पताल प्रशासन अब उपचार की अगली सुविधाएं शुरू करने जा रहा है। सोमवार से भर्ती और प्रोसीजर भी शुरू कार्डियक सेंटर में ओपीडी शुरू होने के साथ ही एक्स-रे, ईसीजी, टीएमटी, 2डी ईको सहित कई जांचों की सुविधा मिल रही है। अब आईपीडी शुरू होने से भर्ती और प्रोसीजर की व्यवस्था भी यहीं होगी। सोमवार को पहली एंजियोप्लास्टी के साथ सेंटर में ऑपरेशन शुरू होंगे। सेंटर में 212 बेड हैं। - डॉ. दीपक माहेश्वरी, प्रिंसिपल, एसएमएस मेडिकल कॉलेज