भास्कर संवाददाता | टोंक आशा सहयोगिनियों की समस्याएं दिनों दिन बढ़ती जा रही है। इनको हल नहीं किया जा रहा है। ऐसे में अब आशाएं अपनी समस्याओं के लिए आंदोलन शुरु करने पर विचार करने लगी है। मोतीबाग मोड के समीप रविवार को गोष्ठी का आयोजन हुआ। इसमें आशा सहयोगिनियों ने अपनी प्रतिदिन की समस्याओं पर चर्चा की। रोशनी, शीला बेरवा, विनोद योगी, शामा बाजी आदि ने बताया कि ऑनलाइन कार्य लगातार बढ़ रहा है, क्लेम फॉर्म के पैसे और मानदेय समय पर नहीं मिलते हैं। रिटायरमेंट के बाद पेंशन या कोई लाभ न मिलने से भविष्य अनिश्चित है। उन्होंने कहा, एक दिन हमें बच्चों के सामने हाथ फैलाना पड़ेगा। संघ के संयोजक मोहम्मद अजमल और प्रदेश अध्यक्ष विद्या बहन ने कहा कि आशा सहयोगिनियों ने एनएचएम और महिला बाल विकास विभाग में जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष समर्पित किए, लेकिन उनका भविष्य अंधकारमय है। राज्य बजट 2026-27 में मानदेय में 10-15 प्रतिशत बढ़ोतरी भी नहीं की गई, जो अत्यंत दुख होता जा रहा है।