पाली जिले के सोजत उपखंड के गांव सिसरवादा की बेटी अरूणिमा जैतावत अब चीन में खेलेंगी। उनका सिलेक्शन 1 से 10 जुलाई तक चीन के शांगलुओ में होने वाली ISF वर्ल्ड स्कूल वॉलीबॉल चैंपियनशिप के लिए ISSO इंडिया टीम में हुआ है। उनके सिलेक्शन के बाद परिवार में खुशी का माहौल है। परिजनों का कहना है कि अरूणिमा का जन्म जापान में हुआ। इसके बाद पढ़ाई सिंगापुर में हुई, लेकिन गौरव की बात है कि अब वे टीम इंडिया की तरफ से इंटरनेशनल लेवल पर खेलेंगी। जन्म जापान में और पढ़ाई सिंगापुर में हुई अरूणिमा मूल रूप से पाली जिले के सिसरवादा गांव की रहने वाली हैं। उनके दादा शिवजीसिंह जैतावत पुलिस विभाग से सेवानिवृत्त हैं। पिता जितेंद्रसिंह जैतावत जापान की एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में सीईओ रहे, जबकि माता राजेन्द्र कंवर प्रोफेसर हैं। अरूणिमा का जन्म जापान में हुआ। बाद में परिवार सिंगापुर शिफ्ट हुए, जहां उसने आठवीं क्लास तक की एजुकेशन लीं। छोटी बहन जिज्ञासा जैतावत ने भी सिंगापुर में छठीं तक पढ़ाई की। वर्तमान में पूरा परिवार जयपुर में रह रहा है और दोनों बहनें जयश्री पेरीवाल इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ती हैं। सिंगापुर से लेकर भारत तक शानदार प्रदर्शन सिंगापुर में पढ़ाई के दौरान उन्होंने सिंगापुर नेशनल स्कूल गेम्स में लगातार दो बार गोल्ड मेडल जीतकर अपनी पहचान बनाई। वहीं इंटर-स्कूल प्रतियोगिताओं में अपने स्कूल की अंडर-14 और अंडर-16 वॉलीबॉल टीम की कप्तान भी रहीं। भारत आने के बाद वर्ष 2025 में उन्होंने अंडर-17 गर्ल्स SGFI नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप में ISSO इंडिया का प्रतिनिधित्व किया। अब ISF वर्ल्ड स्कूल वॉलीबॉल चैपिंयनशिप में ISSO इंडिया टीम से चीन में खेलने जा रही है। देश के लिए खेलना है ड्रीम अरूणिमा ने बताया- उन्होंने छठी क्लास से वॉलीबॉल खेलना शुरू किया। रोज करीब 2 घंटे प्रैक्टिस करती है। लक्ष्य भारतीय टीम के लिए लगातार खेलना और देश का नाम विश्व स्तर पर रोशन करना है। अरूणिमा के सिलेक्शन से उनके परिवार, गांव सिसरवादा और पूरे पाली जिले में खुशी का माहौल है।