मलारना डूंगर थाना क्षेत्र के एक गांव में शनिवार देर रात मां के साथ घर के बरामदे में सो रही 2 साल की मासूम बच्ची के अपहरण का मामला सामने आया। बच्ची के गायब होने की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने रात करीब 12 से सुबह 7 बजे तक लगातार करीब 7 घंटे सर्च अभियान चलाया। पुलिस की चार टीमों ने खेतों, रास्तों और अमरूद के बगीचों सहित आसपास का पूरा इलाका खंगाला। आखिरकार सुबह करीब 7 बजे बच्ची सकुशल मिल गई। पुलिस ने आरोपी को डिटेन कर लिया। भाड़ौती पुलिस चौकी प्रभारी फतेह लाल मीणा के अनुसार एक गांव में बच्ची आई हुई थीं। बताया गया कि इटावा बालाजी के दर्शन करने के बाद वह यहां ठहरी थीं। शनिवार रात मां अपनी बच्ची के साथ घर के बरामदे में सो रही थीं। इसी दौरान रात में बच्ची को किसी व्यक्ति ने उठा लिया और वहां से फरार हो गया। बच्ची के गायब होने का पता चलने पर परिजनों में हड़कंप मच गया। आसपास तलाश करने के बाद भी बच्ची का पता नहीं चला तो बालिका की मां ने मलारना डूंगर थाने में सूचना दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएचओ मांगेलाल यादव के नेतृत्व में चार पुलिस टीमें गठित की गईं। इनमें भाड़ौती चौकी प्रभारी फतेह लाल मीणा सहित पुलिसकर्मी शामिल रहे। पुलिस टीमों ने रात करीब 12 बजे से सुबह 7 बजे तक लगातार तलाशी अभियान चलाया। पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी बच्ची को लेकर एक बगीचे की तरफ गया है। इसके बाद पुलिस टीमों ने बगीचे के साथ आसपास के खेतों, कच्चे रास्तों और संभावित स्थानों पर सर्च अभियान चलाया। पुलिसकर्मियों ने करीब सात घंटे तक लगातार तलाश की। सुबह करीब 7 बजे पुलिस को सफलता मिली और बच्ची सकुशल बरामद हो गई। पोक्सो एक्ट में मामला एएसपी कर रहे जांच बालिका की मां की रिपोर्ट पर मलारना डूंगर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। मामला पोक्सो एक्ट से जुड़ा होने के कारण इसकी जांच एएसपी सतीश वर्मा कर रहे है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और अपहरण के पीछे के कारणों सहित पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी है। पुलिस के सात घंटे चले सर्च अभियान के बाद मासूम के सकुशल मिलने से परिजनों के साथ ग्रामीणों ने भी राहत की सांस ली। पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।