चित्तौड़गढ़ जिले में मानसून लगातार सक्रिय बना हुआ है, लेकिन बारिश हर इलाके में एक जैसी नहीं हो रही। पिछले 24 घंटे में सबसे ज्यादा 85 एमएम बारिश बड़ीसादड़ी में दर्ज की गई, जबकि जिला मुख्यालय चित्तौड़गढ़ में सिर्फ 5 एमएम पानी बरसा। बुधवार सुबह भी आसमान बादलों से ढका रहा। मौसम विभाग ने दिनभर जिले के कई इलाकों में बारिश की संभावना जताई है। कुछ जगहों पर तेज बारिश, आकाशीय बिजली और मेघगर्जन का अलर्ट भी जारी किया गया है। विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक जिले में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। कहीं झमाझम तो कहीं हल्की बारिश पिछले 24 घंटे में जिले के अलग-अलग इलाकों में बारिश का असर अलग रहा। बड़ीसादड़ी में 85 एमएम बारिश दर्ज होने से मौसम सुहावना हो गया और कई निचले इलाकों में पानी भर गया। वहीं चित्तौड़गढ़ शहर में सिर्फ 5 एमएम बारिश हुई। इसके अलावा डूंगला में 10 एमएम, बस्सी में 7 एमएम, भदेसर में 6 एमएम, रावतभाटा और भूपालसागर में 4-4 एमएम, जबकि गंगरार और राशमी में 3-3 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। आंकड़े बताते हैं कि मानसून पूरे जिले में सक्रिय है, लेकिन बारिश की मात्रा हर क्षेत्र में अलग-अलग बनी हुई है। कहीं अच्छी बारिश हो रही है तो कहीं लोग अब भी तेज बारिश का इंतजार कर रहे हैं। बारिश के बाद भी उमस से राहत नहीं बारिश होने के बावजूद लोगों को उमस से पूरी राहत नहीं मिल रही है। बुधवार सुबह से बादल छाए रहने के बाद भी हवा में नमी ज्यादा होने से गर्मी महसूस की जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार जिले का अधिकतम तापमान 35.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक लगातार अच्छी बारिश नहीं होगी, तब तक उमस का असर बना रह सकता है। यही वजह है कि हल्की बारिश के बाद भी लोगों को राहत कम महसूस हो रही है। आज भी भारी बारिश की संभावना, सावधानी बरतने की सलाह मौसम विभाग ने बुधवार को भी जिले के कई इलाकों में मध्यम से भारी बारिश का अनुमान जताया है। इसके साथ ही आकाशीय बिजली गिरने और मेघगर्जन की संभावना भी बताई गई है। लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है। विभाग का कहना है कि फिलहाल मानसून सक्रिय बना हुआ है और अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इससे किसानों को फायदा मिलेगा, वहीं जिले के बांधों, तालाबों और जलाशयों में पानी की आवक भी बढ़ेगी। खरीफ फसलों के लिए भी यह बारिश फायदेमंद मानी जा रही है। प्रशासन मौसम की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।