बालोतरा शहर में नृसिंह जयंती का पर्व इस वर्ष श्रद्धा, आस्था और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर प्राचीन नृसिंह मंदिर को विशेष रूप से सजाया गया और पूरे परिसर में भक्तिमय माहौल देखने को मिला। सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता मंदिर में लगना शुरू हो गया, जो पूरे दिन जारी रहा। नृसिंह जयंती के अवसर पर शहर के प्राचीन नृसिंह मंदिर में भगवान नृसिंह का प्राकट्य महोत्सव आयोजित किया गया। इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। मंदिर परिसर “जय नृसिंह भगवान” के जयकारों से लगातार गूंजता रहा, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। भगवान नृसिंह का उग्र रूप मंचन कार्यक्रम के दौरान भगवान नृसिंह के उग्र स्वरूप का विशेष मंचन आकर्षण का केंद्र रहा। मंचन में सबसे पहले भक्त प्रह्लाद की भूमिका निभा रहे एक बालक को भगवान नृसिंह द्वारा आशीर्वाद दिया गया। इसके बाद प्रतीकात्मक रूप से बने एक खंभे को फाड़कर भगवान नृसिंह के प्रकट होने का दृश्य प्रस्तुत किया गया, जिसे देखकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। पूजा-अर्चना और आरती से शुरू हुआ कार्यक्रम महोत्सव से पहले मंदिर में भगवान नृसिंह की विधिवत पूजा-अर्चना और आरती की गई। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से आरती में हिस्सा लिया। जैसे ही भगवान नृसिंह के प्राकट्य का मंचन हुआ, पूरे मंदिर परिसर में जयकारों की गूंज और तेज हो गई। प्रसाद वितरण में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ कार्यक्रम के समापन पर उस कागज को प्रसाद के रूप में श्रद्धालुओं में वितरित किया गया, जिससे भगवान नृसिंह के प्रकट होने का दृश्य प्रस्तुत किया गया था। इस प्रसाद को पाने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मान्यता के अनुसार, इस कागज को घर, दुकान के गल्ले या तिजोरी में रखने से धन-धान्य में वृद्धि होती है और सुख-समृद्धि बनी रहती है।