बामनवास क्षेत्र की ग्राम पंचायत गुडला में मंगलवार को आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में राजस्व कार्यों में हुई देरी को लेकर ग्रामीणों ने नाराजगी जताई। उनका आरोप है कि शिविर की प्रभारी अधिकारी समय पर नहीं पहुंचीं, जिसके कारण लोगों को कई घंटे तक इंतजार करना पड़ा और कई काम समय पर नहीं हो सके। इस मामले में उपखंड अधिकारी मोहन चौधरी ने कहा- शिविरों में प्रभारी अधिकारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाएंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि व्यवस्था में जरूरी सुधार किए जाएंगे, ताकि ग्रामीणों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। ग्रामीणों के मुताबिक, शिविर शुरू होने के काफी समय बाद तक प्रभारी अधिकारी मेघा मीणा मौजूद नहीं थीं। इससे नामांतरण, बंटवारा और अन्य राजस्व से जुड़े मामलों की सुनवाई शुरू नहीं हो सकी। लोगों का कहना है कि दोपहर करीब 3:30 बजे अधिकारी के पहुंचने के बाद ही राजस्व मामलों पर काम शुरू हुआ। आम रास्ते और खातेदारी के मामलों में भी हुई देरी राधेश्याम, गोपाल, हीरालाल, मुकेश और भरतलाल ने बताया कि वे अपनी ढाणी के लिए आम रास्ते से जुड़े मामले का समाधान कराने शिविर में आए थे, लेकिन लंबे इंतजार के कारण उनका काम नहीं हो सका। वहीं, नावंड किशनपुरा के पप्पू, राजू, भूरसिंह और रामस्वरूप अपने खातेदारी वाले कुएं में चारों भाइयों के नाम साझेदारी दर्ज कराने पहुंचे थे, लेकिन उनके काम में भी देरी हुई। ग्रामीण बोले- अगर शिविर में काम नहीं होगा तो फिर क्या फायदा ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे शिविर इसलिए लगाए जाते हैं ताकि नामांतरण, आपसी सहमति से बंटवारा, राजस्व रिकॉर्ड में गलती सुधारने और अतिक्रमण जैसे मामलों का मौके पर ही समाधान हो सके। लेकिन अगर अधिकारी समय पर मौजूद नहीं रहेंगे तो लोगों को फिर तहसील कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ेंगे। इससे उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद होता है। ग्रामीणों ने की समय पर अधिकारियों की मौजूदगी की मांग ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि ग्रामीण सेवा शिविरों में सभी जिम्मेदार अधिकारी तय समय तक मौजूद रहें और ज्यादा से ज्यादा राजस्व मामलों का मौके पर ही समाधान करें, ताकि लोगों को सरकारी दफ्तरों के बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें।