दौसा जिले के बांदीकुई रेलवे स्टेशन को अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 24 करोड़ 27 लाख रुपए की लागत से अपग्रेड किया जा रहा है। 1874 में बने इस जंक्शन पर रोज करीब 16 हजार यात्री सफर करते हैं और 100 से अधिक ट्रेनों का ठहराव होता है। स्टेशन पर एंट्री-एग्जिट, पार्किंग और यात्री सुविधाओं को बेहतर किया जा रहा है, जिससे मेहंदीपुर बालाजी मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं और आम यात्रियों को राहत मिलेगी। ये विकास कार्य हो रहे पुनर्विकास के तहत स्टेशन पर प्रवेश-निकास द्वारों को आकर्षक और सुविधाजनक बनाया गया है। चौड़ी सड़कों, सर्कुलेटिंग एरिया और अलग-अलग पार्किंग व्यवस्था से यात्रियों की आवाजाही अब पहले से ज्यादा आसान होगी। साथ ही आधुनिक यात्री सूचना प्रणाली, कोच इंडिकेशन डिस्प्ले, जीपीएस घड़ियां और एलईडी लाइटिंग जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। यात्रियों के लिए एसी वेटिंग रूम, टिकट वेंडिंग मशीन, फूड प्लाजा, शुद्ध पेयजल और प्लेटफॉर्म शेल्टर जैसी सुविधाओं का भी विस्तार किया गया है। दिव्यांगजनों के लिए विशेष रैंप, ब्रेल साइनेज, आरक्षित पार्किंग जैसी व्यवस्थाएं की गई हैं। स्टेशन पर सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सीसीटीवी कैमरों का अपग्रेडेशन, सहायता बूथ और पब्लिक एड्रेस सिस्टम को भी मजबूत किया गया है। इसके अलावा शहर के दोनों छोरों को जोड़ने के लिए 12 मीटर चौड़ा फुट ओवरब्रिज (एफओबी) बनाया जा रहा है और लिफ्ट की सुविधा भी जल्द शुरू होगी। भित्ति चित्र, पेंटिंग और पारंपरिक शिल्प बांदीकुई स्टेशन के सौंदर्यकरण में स्थानीय कला और संस्कृति को भी खास महत्व दिया गया है। स्टेशन परिसर में भित्ति चित्र, पेंटिंग और पारंपरिक शिल्प को शामिल कर क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को उभारा जा रहा है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस पुनर्विकास से न केवल यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि मेहंदीपुर बालाजी, चांद बावड़ी, हर्षद माता मंदिर जैसे पर्यटन स्थलों पर आने वाले पर्यटकों की संख्या में भी बढ़ोतरी होगी। साथ ही व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।