अलवर में बांग्लादेश के नागरिकों को सेक्सटॉर्शन के जाल में फंसाकर ब्लैकमेल कर पैसे हड़पने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। मामले में पुलिस ने अलवर के रहने वाले 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने अभी तक 1 हजार बांग्लादेशियों को सेक्सटॉर्शन के जाल में फंसा कर उनसे करीब 1 करोड़ रुपए की ठगी की है। दरअसल ये आरोपी बांग्लादेश के नागरिकों को फर्जी अश्लील वीडियो के जरिए ब्लैकमेल कर ठगी करते थे। पुलिस के अनुसार, गिरोह वर्ष 2024 से एक्टिव था और अब तक करीब 1 हजार से ज्यादा बांग्लादेशी नागरिकों को निशाना बना चुका है। अलवर एसपी सुधीर चौधरी ने बताया कि साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत साइबर क्राइम टीम, धोलागढ़ थाना पुलिस और क्यूआरटी की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने उकसी गांव के बांध की पाल पर दबिश देकर चार आरोपियों को पकड़ा। इनके पास से पांच मोबाइल फोन, तीन एटीएम कार्ड और एयरटेल के दो सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। फेसबुक पर लड़कियों के नाम से बनाते थे फर्जी आईडी एसपी ने बताया कि गिरोह का कथित मुख्य सरगना शालीम खान अपने साथियों के साथ मिलकर इस पूरे नेटवर्क को संचालित करता था। गिरोह में करीब 20 सदस्य हैं। आरोपी बांग्लादेशी नागरिकों की फेसबुक आईडी के लिंक आपस में साझा करते थे। इसके बाद लड़कियों के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर संबंधित लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजते और बातचीत शुरू करते थे। धीरे-धीरे बातचीत को अश्लील दिशा में ले जाकर उन्हें वीडियो कॉल करने के लिए तैयार किया जाता था। पुलिस के मुताबिक, वीडियो कॉल के दौरान एक अन्य मोबाइल पर लड़की के नग्न होकर अश्लील गतिविधि करने का वीडियो चलाया जाता था। दूसरी तरफ मौजूद व्यक्ति को भी ऐसा करने के लिए उकसाया जाता था। इस पूरी प्रक्रिया की स्क्रीन रिकॉर्डिंग कर ली जाती थी। वीडियो वायरल करने की धमकी देकर वसूलते थे रुपए वीडियो रिकॉर्ड होने के बाद आरोपी उसमें एडिटिंग कर बांग्लादेशी नागरिकों को भेजते थे। इसके बाद वीडियो को फेसबुक, यूट्यूब और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल करने की धमकी देकर रुपए मांगे जाते थे। बदनामी के डर से कई लोग आरोपियों को रकम देने के लिए तैयार हो जाते थे। पुलिस के अनुसार, इसी तरीके से गिरोह ने अब तक एक करोड़ रुपए से अधिक की ठगी की। बांग्लादेश से भारत तक फैला था रकम का नेटवर्क पुलिस जांच में सामने आया कि ठगी की रकम हासिल करने और उसे आपस में बांटने के लिए गिरोह ने बांग्लादेश में भी संपर्क बना रखे थे। आरोपी बांग्लादेश में इस्तेमाल होने वाले 'bKash' डिजिटल भुगतान ऐप के नंबर पीड़ितों को भेजते थे। पीड़ित इन नंबरों पर रकम ट्रांसफर करते थे और भुगतान का स्क्रीनशॉट गिरोह के सदस्यों को भेजते थे। इसके बाद रकम को बांग्लादेश में मौजूद सहयोगियों के जरिए बैंक खातों और अन्य माध्यमों से आगे भेजा जाता था। पुलिस के अनुसार, इस नेटवर्क में भारत और बांग्लादेश के बैंक खातों का इस्तेमाल किया जाता था। रकम का एक हिस्सा कमीशन के रूप में काटकर बाकी राशि भारत में गिरोह के सदस्यों तक पहुंचाई जाती थी। पुलिस का कहना है कि नकदी के इस्तेमाल से बैंकिंग लेनदेन और आरोपियों की पहचान छिपाने की कोशिश की जाती थी। चार आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश पुलिस ने मामले में शालीम खान (24), दीनू खान (40), राहुल खान (24) और निजामुद्दीन (19) को गिरफ्तार किया है। चारों अलवर जिले के गोठड़ा गांव के निवासी हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 316(2), 318(4), 308(2), 112(2) और आईटी एक्ट की धाराओं 66D व 66E के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। कार्रवाई में साइबर क्राइम टीम, धोलागढ़ थाना पुलिस और क्यूआरटी की टीम शामिल रही। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों, बांग्लादेश में मौजूद सहयोगियों, ठगी की रकम के लेनदेन और पीड़ितों से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।