बांसवाड़ा में भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के नेता अशोक निनामा के भाई अनिल (28) की हत्या कर दी गई। हत्या की वजह थी अवैध संबंध। अनिल का जिस महिला लक्ष्मी से अफेयर था, उसी के पति सिद्धार्थ ने अपने साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। जांच में सामने आया है कि आरोपी ने वारदात से पहले अनिल से अपनी पत्नी के साथ अफेयर खत्म करने के लिए कहा था। ऐसा नहीं करने पर जान से मारने की धमकी दी थी। धमकी का भी फायदा नहीं हुआ तो बहाने से उसे बुलाकर हमला किया गया। मामले में एक और बड़ा खुलासा हुआ है अनिल और सिद्धार्थ दोस्त थे। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… सिद्धार्थ का अनिल के घर में आना-जाना था। इसी दौरान अनिल और लक्ष्मी के बीच नजदीकियां बढ़ गईं। सिद्धार्थ को जब इस अफेयर का पता चला तो उसने पहले समझाइश का रास्ता चुना। सिद्धार्थ अपने सरपंच जीजा को लेकर अनिल के घर पहुंचा। अनिल से अपनी पत्नी से दूर रहने के लिए कहा। अनिल के परिवार को भी समझाया, लेकिन यह कोशिश नाकाम रही। इसके बाद सिद्धार्थ ने मर्डर की साजिश रची। सिर पर फोड़ी शराब से भरी बोतल सिद्धार्थ ने अनिल को धोखे से बुलाया। घटनास्थल पर पहुंचते ही उसे घेर लिया गया और हमला कर दिया। हमले की शुरुआत बीयर की बोतल से सिर पर वार करके की। बोतल टूट गई और कई कांच के टुकड़े अनिल की आंखों में घुस गए। इसके बाद सिद्धार्थ और उसके साथियों ने बांस के डंडों से उस पर ताबड़तोड़ हमला किया। वार इतने जबरदस्त थे कि कई बांस मौके पर ही टूट गए। उसके प्राइवेट पार्ट पर भी वार किए गए। डॉक्टर अमित भिमावत के अनुसार, अनिल के शरीर पर चोटों के अनगिनत निशान थे, लेकिन बाहर खून की एक बूंद तक नहीं बही। मौत की असली वजह सिर में लगी गंभीर चोट थी। किसी भारी वस्तु से वार करने के कारण सिर की नसें फट गईं और खून अंदर ही जम गया। यही खून आंखों तक पहुंचा। इससे आंखें सूज गईं और पलकें नीली पड़ गईं। गर्दन से लेकर पैरों तक शरीर का कोई हिस्सा ऐसा नहीं था, जहां चोट न हो। अनिल को लंबे समय तक लगातार पीटा गया। पीहर आई हुई थी लक्ष्मी पुलिस के अनुसार सिद्धार्थ के जीजा गांव के सरपंच प्रकाश ने अशोक निनामा को हिदायत दी थी कि वह अपने भाई को समझाए। एक बार सुलह भी हुई, लेकिन यह ज्यादा समय तक नहीं टिक सकी। घटना से एक दिन पहले लक्ष्मी अपने पीहर गई हुई थी, इसी दौरान अनिल फिर वहां पहुंच गया। प्रकाश ने ही अशोक को कॉल करके अनिल की लोकेशन बताई थी। पुलिस पूछताछ में बोला- कहा था, मार दूंगा या मर जाऊंगा पुलिस पूछताछ में सिद्धार्थ ने कहा- मैं पहले ही तय कर चुका था या तो अनिल को मार दूंगा, या खुद मर जाऊंगा। पत्नी के अफेयर ने उसे भीतर तक तोड़ दिया। उसने कई बार अनिल को समझाया। साफ शब्दों में चेतावनी भी दी, लेकिन अनिल नहीं माना। सिद्धार्थ के मुताबिक, जब हर कोशिश नाकाम हो गई तो गुस्से और हताशा में उसने यह खौफनाक कदम उठाया। राजनीतिक लड़ाई भी शामिल दोनों परिवारों के बीच राजनीतिक लड़ाई भी है। सिद्धार्थ के जीजा सरपंच प्रकाश बीएपी से विधानसभा चुनाव लड़ना चाहता था, लेकिन टिकट अशोक निनामा को मिल गया। प्रकाश नाराज होकर कांग्रेस में शामिल हो गए। इसके बाद से दोनों के बीच राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता बढ़ गई। अशोक का ये भी आरोप है कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्वता के कारण ये सब किया गया है। सीआई बुधाराम बिश्नोई ने बताया कि मुख्य आरोपी सिद्धार्थ और उसकी पत्नी लक्ष्मी को हिरासत में ले लिया गया है। इस केस में गणेश नाम के एक अन्य आरोपी की भूमिका भी सामने आई है, जिसकी तलाश में टीमें जुटी हुई हैं। अन्य संभावित आरोपियों को लेकर अभी कुछ स्पष्ट नहीं कहा जा रहा है। एफएसएल टीम ने घटनास्थल से दो मोटरसाइकिलें और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं। आरोपियों के बंद घरों की भी तलाशी ली गई है। …. बीएपी नेता के भाई की हत्या से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… राजस्थान-BAP नेता के भाई का सिर फोड़ा, चमड़ी तक फटी:डॉक्टर बोले-प्राइवेट पार्ट पर भी वार; आरोप- महिला से संबंध, पति ने किया था हमला बांसवाड़ा में सोमवार (13 अप्रैल) देर रात भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के नेता की भाई की हत्या हो गई थी। पुलिस ने दावा किया था हमला प्रेम प्रसंग के कारण किया गया था। पूरी खबर पढ़िए…