बांसवाड़ा में नेमा समाज और जगदीश मंडल के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को भगवान श्री जगन्नाथ, श्री बलभद्र और माता सुभद्रा की ऐतिहासिक एवं रथयात्रा निकाली गई। सदियों पुरानी इस परंपरा में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। 'जय जगन्नाथ' के जयघोष के बीच पूरा शहर भक्तिमय माहौल में डूबा रहा। श्रद्धालुओं ने रथ खींचकर भगवान के दर्शन किए और धर्म के साथ सामाजिक समरसता का संदेश दिया। अखंड रामायण पाठ के बाद रथयात्रा शुरू रथयात्रा से पहले जगदीश मंदिर में 24 घंटे का अखंड रामायण पाठ किया गया। गुरुवार को वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ इसकी पूर्णाहुति हुई। इसके बाद भगवान श्री जगन्नाथ, श्री बलभद्र और माता सुभद्रा की प्रतिमाओं को आकर्षक ढंग से सजे रथ में विराजमान कर नगर भ्रमण के लिए रवाना किया गया। शंखनाद, भजन-कीर्तन और जयकारों के बीच श्रद्धालुओं ने अपने हाथों से रथ खींचकर प्रभु सेवा का सौभाग्य प्राप्त किया। ​प्रमुख मार्गों से निकली यात्रा, जगह-जगह हुआ स्वागत रथयात्रा जगदीश मंदिर से शुरू होकर आजाद चौक, सदर बाजार, पिपली चौक, पैलेस रोड और महालक्ष्मी चौक से होते हुए वापस जगदीश मंदिर पहुंची। पूरे मार्ग में विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने भगवान की आरती उतारी, पुष्पवर्षा की और माल्यार्पण कर भव्य स्वागत किया। गरबा बना आकर्षण, श्रद्धालुओं के लिए शरबत की व्यवस्था पिपली चौक पर श्रद्धालुओं ने पारंपरिक गरबा की मनमोहक प्रस्तुति दी, जिसने रथयात्रा का उत्साह और बढ़ा दिया। भीषण गर्मी को देखते हुए नेमा पिपली चौक समिति ने श्रद्धालुओं के लिए ठंडे पेयजल और शरबत की व्यवस्था की। रथयात्रा के समापन पर जगदीश मंदिर में भगवान की महाआरती हुई और श्रद्धालुओं को महाप्रसाद वितरित किया गया। आयोजन में महिलाओं, युवाओं और बच्चों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया। जनप्रतिनिधि और समाज के पदाधिकारी रहे मौजूद रथयात्रा में भाजपा के कई जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया। आयोजन की व्यवस्थाओं में नेमा समाज के अध्यक्ष निमेष मेहता, सचिव सुबोध मालोत, कोषाध्यक्ष शैलेंद्र मेहता, उपाध्यक्ष चंकी शाह, शैलेश शाह तथा जगदीश मंडल के अध्यक्ष महेंद्र सराफ, सचिव संदीप शाह, राजेश वसानिया, मनोज चंचावत सहित समाज के अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता सक्रिय रहे।