बांसवाड़ा जिले के किसानों के लिए अच्छी खबर है। रबी सिंचाई वर्ष 2026-27 के लिए दांयी मुख्य नहर, बांयी मुख्य नहर और हरिदेव जोशी नहर में 11 नवंबर से पानी छोड़ा जाएगा। इस बार नहरों में 4 चरण में कुल 118 दिन पानी चलाया जाएगा। कलेक्ट्रेट परिसर बांसवाड़ा स्थित डीओआईटी भवन में शुक्रवार को यह फैसला लिया गया। संभागीय आयुक्त खजान सिंह की अध्यक्षता में माही बजाज सागर परियोजना की जल वितरण समिति की समीक्षा बैठक हुई। इसमें जिला कलक्टर डॉ. इंद्रजीत यादव, माही परियोजना के अधीक्षण अभियंता आर.सी. मीणा सहित अधिकारी-किसान मौजूद रहे। बैठक के दौरान माही बांध में पानी की वर्तमान स्थिति और आगामी रबी सीजन के लिए नहर संचालन की कार्ययोजना पर चर्चा की गई। ​11 नवंबर से शुरू होगा जल प्रवाह, 118 दिन मिलेगा पानी ​अधीक्षण अभियंता आरसी मीणा ने बताया- माही बांध का पूर्ण भराव स्तर 281.50 मीटर है, जबकि वर्तमान में बांध में जलस्तर 275.45 मीटर (कुल उपलब्ध जल 50.78 टीएमसी और लाइव जल 38.53 टीएमसी) है। वर्तमान में खरीफ की फसल कटाई चल रही है, कटाई अक्टूबर महीने के आखिर तक चलेगी। इसके तुरंत बाद सिंचाई के लिए पानी की जरूरत होगी। जिला कलक्टर ने कहा- कई बार खेतों में सिंचाई के दौरान पानी व्यर्थ बहता है। इसके निवारण के लिए स्थानीय काश्तकारों की कमेटियों के माध्यम से निगरानी रखें। ​काश्तकारों से विशेष अपील: किसानों से अपील की गई है कि वे नहरों को राष्ट्रीय संपत्ति समझकर क्षति न पहुंचाएं। नहरों को तोड़ना या गेटों से छेड़छाड़ करना कानूनी अपराध है। पानी को व्यर्थ न बहाएं, अपनी बारी के अनुसार जल का विवेकपूर्ण उपयोग करें और अंतिम छोर के खेतों तक पानी पहुंचाने में प्रशासन का सहयोग करें।