बांसवाड़ा में इस बार मानसून पिछले साल की तुलना में कमजोर रहा है। जिसके कारण किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए नहरों से पानी मिल चिंता सता रही है। किसानों की इस चिंता को दूर करते हुए जिला कलेक्टर डॉ. इंद्रजीत यादव ने कहा कि किसानों को सिंचाई के पानी को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। इस बार भी नियमित रूप से नहरों से पानी मिलेगा। उन्होंने दैनिक भास्कर से बातचीत ने बताया कि बारिश कम होने से बांध पूरा नहीं भरा है, लेकिन फिर भी किसानों को घबराने और परेशान होने की जरूरत नहीं है। साथ ही कहा कि हर साल की तरह इस बार भी 3 से 4 बार पानी छोड़ा जाएगा। इसी के साथ संभागीय आयुक्त की अध्यक्षता में होने वाली बैठकों के बारे में भी जानकारी दी। कमजोर मानसून के बावजूद माही बांध में 66% पानी दरअसल, इस बार मानसून पिछले साल की तुलना में थोड़ा कमजोर रहा है। इसके बावजूद बांसवाड़ा का मुख्य पेयजल और सिंचाई स्रोत माही बांध फिलहाल 66 प्रतिशत भरा हुआ है। जिला कलेक्टर ने बताया कि माही बांध की क्षमता इतनी ज्यादा है कि कमजोर मानसून के बावजूद इसका कमांड क्षेत्र ज्यादा प्रभावित नहीं होगा। साथ ही उन्होंने बताया कि जिला कलेक्टर और संभागीय आयुक्त की अध्यक्षता में बैठकें की जाएंगी। जिसमें किसान प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। 3 से 4 बार छोड़ा जाएगा नहरों में पानी उन्होंने बताया कि आम तौर पर किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए नहरों में 3 से 4 बार पानी छोड़ा जाता है। जिला कलेक्टर ने आश्वस्त किया कि इस बार भी लगभग इतनी ही बार पानी छोड़ा जाएगा। इसमें कोई खास दिक्कत नहीं आएगी। जल संरक्षण पर रहेगा खास जोर इस बार पानी के संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सभी जल चैनलों की निगरानी रखी जाएगी, ताकि पानी ओवरफ्लो न हो और चैनलों में किसी तरह का ब्लॉकेज न आए। सामान्य तौर पर दो पारियों के बीच नहरों को खुला रखा जाता है, लेकिन इस बार पानी बचाने के लिए पारियों के बीच के अंतर में भी जल संरक्षण की कोशिश की जाएगी। किसानों से फव्वारा पद्धति अपनाने की अपील साथ ही कलेक्टर ने किसानों से अपील की है कि वे खेतों में पानी भरकर सिंचाई करने की फ्लड इरिगेशन पद्धति के बजाय फव्वारा पद्धति (स्प्रिंकलर) का इस्तेमाल करें। फ्लड इरिगेशन से सिंचाई करने वाले किसान भी एक बार खेत की सिंचाई पूरी होने के बाद पानी रोककर अगले किसान को सिंचाई का मौका दें। कलिंजरा बांध में पानी की कमी, अन्य बांधों में स्थिति सामान्य जिले के सुवानिया और घाटोल क्षेत्र के हेरो बांध में किसी तरह की समस्या नहीं है। हालांकि, कलिंजरा बांध में पानी की थोड़ी कमी है। इसके चलते वहां हर बार की तुलना में पानी की पारियों की संख्या में कुछ कटौती करनी पड़ सकती है। कुल मिलाकर माही बांध के कमांड क्षेत्र के किसानों को सिंचाई के पानी को लेकर कोई समस्या नहीं आएगी।